कांग्रेस को रामलीला मैदान में रैली करने की इजाज़त मिली
'चिंतित' व्यापारी राहुल से मिले, 20 मिनट की मुलाकात का समय मांगा
निज संवाददाता : दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' गठबंधन को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके साथ कई शर्तें भी रखी गई हैं। वहीं, स्थानीय व्यापारी अपनी इस मांग पर अड़े हुए हैं कि इस विरोध प्रदर्शन को रद्द कर दिया जाए। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से संपर्क कर 20 मिनट की मुलाकात का अनुरोध किया है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस को 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान के इस्तेमाल के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) जारी किया गया है, जिसमें रैली 1 नवंबर को होनी है। आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रवेश और निकास बिंदुओं, मंच और मैदान के आसपास के प्रमुख स्थानों पर निगरानी के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाएं। पुलिस ने पूरी रैली और सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने तथा एक समर्पित सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाने को भी अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा, दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कार्यक्रम के दिन पर्याप्त पानी के टैंकर और पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) को तैनात किया जाना चाहिए; उनकी पहचान आसानी से हो सके, इसके लिए उन्हें एक जैसी वर्दी या एक जैसे बैज पहनने होंगे। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने निर्देश दिया है कि रैली शाम 5:00 बजे तक समाप्त हो जानी चाहिए, जिसके तुरंत बाद कार्यक्रम स्थल को खाली करना होगा। किसी भी परिस्थिति में कार्यक्रम को इस समय के बाद नहीं बढ़ाया जा सकता।
इस बीच, दिल्ली के 'चिंतित' व्यापारी अपनी इस मांग पर कायम हैं कि 'इंडिया' गठबंधन अपने विरोध प्रदर्शन को रद्द कर दे। हाल ही में, दिल्ली के 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (सीटीआई) ने राहुल गांधी को एक पत्र भेजा था, लेकिन उनके अनुरोध को ठुकरा दिया गया। अब, व्यापारियों ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद से संपर्क किया है और 20 मिनट की मुलाकात का समय मांगा है। बुधवार को, सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल को एक और पत्र भेजा। उन्होंने कहा-हम टकराव नहीं चाहते; हम बातचीत करना चाहते हैं। राहुल जी खुद कहते हैं कि वह सबकी बात सुनते हैं और छोटे व्यापारियों की आवाज़ को अहमियत देते हैं। इसलिए, 20 बाज़ारों के प्रतिनिधियों ने उनसे 20 मिनट का समय मांगा है। यह लोकतंत्र की खूबसूरती को सही मायने में दर्शाएगा। हम उन्हें यह समझाना चाहते हैं कि ये विरोध-प्रदर्शन हमारे कारोबार को किस तरह नुकसान पहुँचा सकते हैं।
