तृणमूल कांग्रेस को 'सुप्रीम' झटका
4 बैंक खाते फ्रीज़ रहेंगे
सर्वोच्च अदालत ने दखल देने से इनकार किया
निज संवाददाता : तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के गुट वाली पार्टी को राहत देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पार्टी के फ्रीज किए गए बैंक खातों को ऑपरेट करने की अनुमति मांगी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग ने पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया है, ऐसे में अब यह तय करना होगा कि खातों को ऑपरेट करने का अधिकार किसे है। अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट से मामले पर जल्द फैसला लेने को कहा।
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने खातों में कथित तौर पर बड़ी रकम जमा होने और जांच का हवाला दिया। वहीं टीएमसी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग का आदेश सिर्फ नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ा है, बैंक खातों के संचालन पर उसका कोई आदेश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से बनाए गए अंतरिम इंतजाम में दखल देने के पक्ष में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को मामले पर जल्द फैसला करने को कहा।
इसी विवाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले एक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया था, जिसके जरिए पार्टी को रोजमर्रा के खर्चों के लिए सीमित वित्तीय संचालन की व्यवस्था दी गई थी। दरअसल, विवाद की शुरुआत पश्चिम बंगाल के बागी टीएमसी विधायक विश्वनाथ दास की शिकायत से हुई। 18 जून 2026 को विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कथित अवैध गतिविधियों से जुड़ी रकम टीएमसी से संबंधित कुछ बैंक खातों में पहुंचाई गई। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और बैंक खातों को फ्रीज किया गया।
