आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त के घर के गेट पर काली स्याही से लिखा 'ज्ञानेश गद्दार'!
पूरे देश में फैल रहा है विरोध
निज संवाददाता : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार सुबह, कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक आगरा के विजयनगर इलाके में मुख्य चुनाव आयुक्त के घर के सामने जमा हुए। उन्होंने घर के बाहर ज्ञानेश के खिलाफ नारे लगाना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट और बाहरी दीवारों पर काली स्याही से "गद्दार" शब्द स्प्रे-पेंट किया।
मालूम हो कि विपक्षी राजनीतिक दल पिछले कुछ दिनों से ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग तेज कर रहे हैं। चुनाव आयोग के बारे में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खोजी रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मची हुई है। पिछले शुक्रवार को, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों ने ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और अन्य शहरों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। सोमवार को, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ज्ञानेश के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। वामपंथी दलों ने भी बिहार के पटना में विरोध प्रदर्शन किया।
आगरा में विरोध प्रदर्शन के दौरान, घर के मुख्य गेट पर हिंदी में "ज्ञानेश गद्दार, ज्ञानेश चोर" का नारा स्प्रे-पेंट किया गया। बाद में सोशल मीडिया पर दीवारों और गेट पर काली स्याही से लिखे इन नारों (ग्राफिटी) की तस्वीरें वायरल हुईं। यूथ कांग्रेस ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यह तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगरा में 'गद्दार' ज्ञानेश के घर पर स्याही पोती है। यूथ कांग्रेस ने ज्ञानेश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।
एक गैर-राजनीतिक युवा मंच, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने भी ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो 2 अक्टूबर से एक आंदोलन शुरू किया जाएगा। सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि यह आंदोलन मुंबई से शुरू होगा और बाद में देश भर के हर शहर में फैल जाएगा।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानेश के ख़िलाफ़ एक मामला भी दर्ज किया गया है। याचिकाकर्ता शैलेंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि ज्ञानेश को तुरंत सज़ा मिलनी चाहिए। इन हालात के बीच, कांग्रेस ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं। पार्टी ने पिछले शुक्रवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन किए और सोमवार को भी कई राज्यों में अपने प्रदर्शन जारी रखे।
