नए, योग्य वोटरों का रजिस्ट्रेशन करने के लिए अब घर-घर जाएगा चुनाव आयोग
निज संवाददाता : चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में योग्य वोटरों के नाम शामिल करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर रहा है। आयोग खुद घरों तक जाकर नए, योग्य वोटरों का रजिस्ट्रेशन करने की पहल करेगा। इस अभियान का मुख्य मकसद उन युवा वोटरों को शामिल करना है जो उन 20 राज्यों में छूट गए थे जहां 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (एसआईआर) की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
आयोग के सूत्रों के मुताबिक, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का अभियान उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा—जिनमें बंगाल और बिहार भी शामिल हैं—जहां एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जो वोटर किसी वजह से एसआईआर के दौरान रजिस्टर नहीं हो पाए थे, या जो योग्य थे लेकिन छूट गए थे, वे 'फॉर्म 6' भरकर अपना नाम जुड़वा सकेंगे। इस बारे में हर राज्य के सीईओ, ईआरओ और एईआरओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
खास बात यह है कि इस स्पेशल अभियान के दौरान, बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) एक बार फिर घर-घर जाएंगे—ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत में किया था—ताकि यह पता चल सके कि कहीं किसी का नाम छूट तो नहीं गया है। वे हर वोटर की मौजूदा स्थिति की जांच करेंगे। अगर उन्हें कोई ऐसा योग्य वोटर मिलता है जो पहले छूट गया था, तो बीएलओ खुद उनसे संपर्क करेंगे और फ़ॉर्म 6 भरने में उनकी मदद करेंगे। यह अभियान अगले महीने तक चलेगा और इसमें नए वोटरों को रजिस्टर करने पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। चुनाव आयोग को अभी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कई सवालों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रक्रिया के तहत देश भर के 20 राज्यों में लगभग 13 करोड़ वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में बड़ी खामियों के आरोप लगे हैं, जिनमें 'फ़ॉर्म 6' के नियमों में बदलाव से जुड़ी शिकायतें भी शामिल हैं। इन आरोपों के बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच, आयोग उन वोटरों के नाम लिस्ट में वापस जोड़ने के लिए कदम उठा रहा है जिनके नाम हटा दिए गए थे।
