9/11 से मिले 'सबक' के आधार पर उड़ान से जुड़े नियमों में किए गए थे बदलाव
उसी बदलाव का फ़ायदा उठाकर आतंकी हमला किया गया
संयुक्त अरब अमीरात ने जारी किया आधिकारिक बयान
निज संवाददाता : यह कोई निजी दुश्मनी का मामला नहीं था। इसका मकसद आतंकवादी हमला करना था। फ्लाईदुबई घटना के बारे में एक चौंकाने वाला आधिकारिक बयान जारी किया गया है। शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और साफ तौर पर कहा कि आरोपी पायलट, हम्माम अल-हम्मामी, आतंकवादी हमला करना चाहता था। अहम बात यह है कि 9/11 के बाद विमान में हथियारों से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए थे। हम्माम ने इन्हीं बदलावों का फायदा उठाकर भारतीय पायलट, स्मित मच्छार पर हमला किया।
गौरतलब है कि पिछले बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को हवा में ही एक बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा। हम्माम विमान का रुख सऊदी अरब की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहा था। यह भांपकर स्मित ने दखल देने की कोशिश की, तभी हम्माम ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से उस पर हमला कर दिया। आखिरकार, स्मित की बहादुरी और विमान में मौजूद अन्य लोगों की मदद से विमान सुरक्षित उतर गया। हालांकि, शुरू से ही इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे थे, और कुछ लोगों का मानना था कि कॉकपिट में हुई हिंसा दोनों पायलटों के बीच निजी रंजिश का नतीजा थी।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुरू से ही संकेत दिया था कि इस घटना के पीछे एक गहरी साजिश है। शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दावे की पुष्टि की। देश के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि विमान में हुई घटना एक आतंकवादी हमला थी; भारतीय पायलट पर कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। इस आतंकवादी हमले का सामना करते हुए भारतीय पायलट ने जो हिम्मत दिखाई, वह तारीफ़ के काबिल है।
बहुत से लोग सोच रहे हैं कि विमान में इतनी खतरनाक चीज़—कुल्हाड़ी—कैसे आ गई। इंटरनेशनल एविएशन नियमों के अनुसार, विमान बनाते समय ही उसमें एक "क्रैश एक्स" (आपातकालीन कुल्हाड़ी) लगाई जाती है; हर कमर्शियल विमान में इसका होना ज़रूरी है। इस कुल्हाड़ी का इस्तेमाल इमरजेंसी हालात, जैसे कि विमान दुर्घटना, में किया जाता है। पहले यह कुल्हाड़ी मेन केबिन में रखी जाती थी। लेकिन 9/11 के हमलों के बाद, यह तय किया गया कि कुल्हाड़ी को कॉकपिट के अंदर रखा जाए ताकि यह धारदार हथियार बाहरी लोगों के हाथ न लग सके। खास बात यह है कि कॉकपिट में कुल्हाड़ी रखे होने की वजह से ही ओमान के पायलट के लिए आतंकवादी हमले को अंजाम देना बहुत आसान हो गया।
