शूटिंग में एक और सटीक निशाना
भारत ने एशियन गेम्स में पांचवां गोल्ड जीता
मेडल टैली में अर्धशतक पूरा किया
निज संवाददाता : शूटिंग इवेंट्स में कई बार ऐसा हुआ है कि गोल्ड मेडल बहुत कम अंतर से हाथ से निकल गया—कभी बस कुछ पॉइंट्स का फ़र्क रहा तो कभी आखिरी पलों में हुई छोटी सी चूक भारी पड़ गई। लेकिन मंगलवार को नीरू ढांडा ने ऐसी कोई गलती नहीं की। उन्होंने शुरू से आखिर तक अपना संयम बनाए रखा, सटीकता के साथ एक के बाद एक निशाने लगाए और आखिरकार भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इस एशियाई खेलों में यह भारत का पांचवां गोल्ड मेडल था, जो महिलाओं के ट्रैप शूटिंग इवेंट में मिला।
नीरू के पास एशियाई खेलों के दसवें दिन की शुरुआत में ही गोल्ड जीतने का मौका था। उन्होंने अपनी टीम की साथियों असीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ महिलाओं के ट्रैप शूटिंग टीम इवेंट में हिस्सा लिया। हालांकि, फ़ाइनल में उन्हें चीन से हार का सामना करना पड़ा और भारतीय टीम को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। फिर भी, व्यक्तिगत फ़ाइनल में नीरू ने कोई गलती नहीं की; पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान उनका दबदबा बना रहा। फ़ाइनल राउंड में उन्होंने चीनी शूटर सन युन्युन को दो पॉइंट्स के अंतर से हराया और उस दिन अपने खाते में दूसरा मेडल जोड़ा।
बॉक्सिंग में भी सफलता मिल चुकी है। परवीन हुड्डा महिलाओं के 65 किग्रा कैटेगरी के फ़ाइनल में पहुंच गई हैं, जिससे उनका कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया है। वहीं, पुरुषों के 80 किग्रा कैटेगरी में अंकुश पांगल ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की; पहले राउंड में 1-4 से पीछे रहने के बावजूद, उन्होंने वापसी करते हुए दूसरा राउंड 3-2 से जीता। अंकुश ने निर्णायक राउंड में फ़ज़लिद्दीन एरकिनबोएव को 5-0 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का किया। वहीं, नरेंद्र बेरवाल ने सेमीफ़ाइनल में हारने के बावजूद 90 किग्रा कैटेगरी में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।
मेडल टैली से पता चलता है कि भारत ने पिछले दस दिनों में 47 मेडल जीते हैं; भारतीय एथलीटों ने पांच गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किए हैं। हालांकि, बॉक्सर्स के कुल छह मेडल (सिल्वर और ब्रॉन्ज़) पक्के होने के साथ, भारत असल में मेडल की गिनती में पचास का आंकड़ा छू चुका है, भले ही इसे अभी आधिकारिक तौर पर दर्ज नहीं किया गया है। क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स और तीरंदाज़ी समेत कई इवेंट्स अभी बाकी हैं, जिनसे भारत को अपने मेडल की संख्या और बढ़ाने के मौके मिलेंगे। बता दें कि भारत ने पिछले एशियाई खेलों में 106 मेडल जीते थे।
