पूर्व न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने 'निजी कारणों'  का हवाला देकर एसआईआर  ट्रिब्यूनल से दिया इस्तीफा 

पूर्व न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने 'निजी कारणों'  का हवाला देकर एसआईआर  ट्रिब्यूनल से दिया इस्तीफा 


निज संवाददाता : कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने मतदाता सूची के 'एसआईआर'  (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़े राज्य न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से यह पद छोड़ा है। न्यायमूर्ति बसु ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्रनाथ वी. घुगे को एक पत्र लिखकर न्यायाधिकरण से हटने के अपने फैसले की जानकारी दी।
सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान विचाराधीन प्रविष्टियों के समाधान का काम कलकत्ता उच्च न्यायालय को सौंपा था। निर्देश दिया गया था कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का एक न्यायाधिकरण गठित करेंगे,  जो इन प्रविष्टियों के समाधान का काम देखेगा। यह न्यायाधिकरण सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार काम कर रहा है और न्यायमूर्ति बसु इसके सदस्य थे। उन पर विशेष रूप से मुर्शिदाबाद जिले से जुड़ी विचाराधीन प्रविष्टियों को सुलझाने की जिम्मेदारी थी।
करीब एक महीने पहले, उच्च न्यायालय के एक अन्य सेवानिवृत्त न्यायाधीश, इंद्रजीत चटर्जी ने भी न्यायाधिकरण से इस्तीफा दे दिया था। मुख्य न्यायाधीश को लिखे एक पत्र में उन्होंने बताया था कि सॉल्टलेक स्थित अपने आवास से जोका (जहां न्यायाधिकरण स्थित है) तक का रोज़ का सफर—खराब और जर्जर सड़कों से होकर गुजरना—बहुत कष्टदायक हो गया था। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया और कहा कि वे लंबे समय तक न्यायाधिकरण में अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभा पाएंगे। अब, न्यायमूर्ति बसु ने भी व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया है।
'एसआईआर'  प्रक्रिया और न्यायाधिकरण के पास लंबित आवेदनों के ढेर को लेकर जनता में काफी चिंता है। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि इन आवेदनों के समाधान में तेजी लाने के लिए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। ऐसे में, कई लोगों का मानना है कि एक और न्यायाधीश के चले जाने से मामलों के त्वरित समाधान की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। फिलहाल, इस न्यायाधिकरण में 17 सेवानिवृत्त न्यायाधीश काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह न्यायाधिकरण रोज़ाना काम नहीं कर रहा है। राज्य में सरकार बदलने के बाद, तृणमूल के दौर में हुए संस्थागत भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित किया गया। इस आयोग के प्रमुख सेवानिवृत्त जस्टिस बसु हैं, जो स्वास्थ्य आयोग में भी एक उच्च पद पर हैं।

Tags:

About The Author

Advertisement

Latest News

टॉप ऑर्डर हुआ फ्लॉप, फिर भी जीता भारत; वेलिंगटन में केएल राहुल ने बचाई लाज! टॉप ऑर्डर हुआ फ्लॉप, फिर भी जीता भारत; वेलिंगटन में केएल राहुल ने बचाई लाज!
7 नवंबर 2026 को वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में खेला गया दूसरा वनडे एक बेहद रोमांचक और कम स्कोर वाला...
पूर्व न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने 'निजी कारणों'  का हवाला देकर एसआईआर  ट्रिब्यूनल से दिया इस्तीफा 
अभिषेक के आवास पर हुए हमले में ममता ने पुलिस की भूमिका पर उठाया सवाल
आधी रात को अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर भारी हंगामा
परिवार के साथ पीएम मोदी से मिले सूर्यकुमार यादव
छठ के लिए रवींद्र सरोवर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा
मुर्शिदाबाद के तांगा चालकों के समर्थन में उतरे अधीर रंजन