प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने सरदार पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
निज संवाददाता : भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 'राष्ट्रीय एकता दिवस' मनाया जाता है। दिल्ली में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पटेल चौक पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा-उनकी जयंती पर, मैं 'अखंड भारत' के निर्माता और देश के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल को सादर नमन करता हूं। उन्होंने अपना जीवन एक मजबूत, समृद्ध और सक्षम भारत के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। भारत माता की सेवा में उनके बलिदान और समर्पण से हमें एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की बड़ी प्रेरणा मिलती है।
इस खास मौके पर मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से 'रन फॉर यूनिटी' (एकता के लिए दौड़) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।
‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा-हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यभार संभालने के बाद से, हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाते आ रहे हैं। वे एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने न केवल देश का इतिहास बदला, बल्कि इसके भूगोल को भी आकार दिया। कई रियासतों को एक साथ जोड़ने—ठीक वैसे ही जैसे मोतियों को एक धागे में पिरोया जाता है—के कठिन कार्य को पूरा करके, सरदार साहब ने आज के ‘अखंड भारत’ के नक्शे की नींव रखी। उन्होंने न केवल भारत के भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के लिए सफल प्रयास किए, बल्कि इन सभी तत्वों को एकजुट करके पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरो दिया। हम 31 दिसंबर, 2029 तक नशा-मुक्त भारत बनाएंगे’
उन्होंने कहा-इस साल 31 मार्च तक, देश नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है और अब एक नशा-मुक्त राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज, सरदार पटेल की जयंती पर, मैं देशवासियों से अपील करता हूं कि वे हमारे इस लक्ष्य में शामिल हों। प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित ‘विकसित भारत’ का सपना, एक ‘नशा-मुक्त भारत’ के निर्माण से ही शुरू होता है। गृह मंत्री ने कहा-प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं और बड़े मुकाम हासिल किए गए हैं। इनमें अनुच्छेद 370 को हटाना (जिसने कश्मीर को भारत के साथ मजबूती से जोड़ा), नक्सलवाद का खात्मा, और ‘एक राष्ट्र, एक कर’ को लागू करना शामिल है। हालांकि ऐसे कई महत्वपूर्ण काम पूरे किए गए हैं, लेकिन एक नशा-मुक्त भारत का निर्माण सबसे बड़ी उपलब्धि होगी—एक ऐसी उपलब्धि जो हमारे युवाओं और हमारे देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गृह मंत्री ने आगे कहा-आजादी के समय, दुनिया भर के राजनीतिक विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की थी कि भारत बिखर जाएगा। फिर भी, आजादी के बाद के 1,218 दिनों में, सरदार पटेल ने वह कर दिखाया जिसे हर कोई असंभव मानता था। यह एक ऐसा कारनामा था जिसे नेताओं का एक समूह भी शायद अपनी पूरी जिंदगी में हासिल न कर पाता; फिर भी, केवल 1,218 दिनों में, सरदार पटेल ने एक एकजुट भारत का निर्माण किया। सरदार पटेल द्वारा परिकल्पित और निर्मित भारत आज दुनिया के सामने गर्व से खड़ा है।
इस दिन, गृह मंत्री ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता के लिए दौड़) को हरी झंडी दिखाई। इस मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।
