फिल्म निर्माता संजय गुप्ता का निधन
निज संवाददाता : फिल्म निर्माता संजय गुप्ता का निधन हो गया है। 30 अक्टूबर 2026 को 57 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। फिल्म इंफॉर्मेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाथरूम में गिरने के बाद संजय गुप्ता का निधन हो गया। इस घटना के बारे में अभी और जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने उनके निधन की पुष्टि की है। गहरा दुख और शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा-संजय गुप्ता हमें बहुत जल्दी छोड़कर चले गए। पूरा भारतीय फिल्म जगत सदमे में है और यकीन नहीं कर पा रहा है। उनके जाने से भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत हो गया है। फिल्म जगत में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
संजय गुप्ता ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। वे 'कांटे', 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'शूटआउट एट वडाला', 'काबिल', 'जज्बा', 'मुसाफिर' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते थे। उनकी फिल्मों में अक्सर एक्शन और अपराध पर आधारित कहानियां देखने को मिलती थीं। संजय दत्त के साथ कई फिल्मों में काम किया
संजय गुप्ता और संजय दत्त ने कई प्रोजेक्ट्स पर एक साथ काम किया है। दोनों ने 'कांटे' (2002), 'मुसाफिर' (2004), 'जिंदा' (2006) और 'शूटआउट एट लोखंडवाला' (2007) जैसी फिल्मों में साथ काम किया। इनमें से 'शूटआउट एट लोखंडवाला' को दर्शकों से बहुत तारीफ मिली। संजय गुप्ता ने न केवल इस फिल्म का निर्देशन किया, बल्कि इसे प्रोड्यूस भी किया और इसकी पटकथा (स्क्रीनप्ले) भी लिखी। यह फिल्म 1991 में मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में हुए एक पुलिस एनकाउंटर पर आधारित थी।
2013 में, उन्होंने 'शूटआउट एट वडाला' बनाई, जो एक सच्ची घटना से प्रेरित फिल्म थी। इसके अलावा, उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन अभिनीत 'जज्बा' (2015) और ऋतिक रोशन व यामी गौतम अभिनीत 'काबिल' (2017) जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
संजय गुप्ता ने 'दस कहानियां' (2007), 'एसिड फैक्ट्री' (2009) और 'मुंबई सागा' (2021) जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया। 'दस कहानियां' में कई अलग-अलग कहानियों का संग्रह था, जबकि 'मुंबई सागा' में जॉन अब्राहम और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में थे।
निर्देशन के अलावा, संजय गुप्ता ने कई फिल्मों को प्रोड्यूस भी किया है। 2001 में, उन्होंने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस, 'व्हाइट फेदर फिल्म्स' शुरू किया। उनकी हालिया फिल्मों में 'द मिरांडा ब्रदर्स' और 'विस्फोट' (2024) शामिल हैं। 'द मिरांडा ब्रदर्स' में मीजान जाफरी और हर्षवर्धन राणे थे, जबकि 'विस्फोट' में रितेश देशमुख और फरदीन खान ने काम किया।
फिल्मों का निर्देशन शुरू करने से पहले, संजय गुप्ता पोस्ट-प्रोडक्शन और साउंड डिज़ाइन के क्षेत्र में काम करते थे। उन्होंने फिल्म निर्माता पंकज पाराशर के साथ भी काम किया और वे टीवी शो 'करमचंद' के साथ-साथ फिल्म 'जलवा' से भी जुड़े रहे थे। संजय गुप्ता ने अपनी फिल्मों के ज़रिए हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
