ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले खेमे ने टीएमसी भवन पर किया कब्जा

ममता बनर्जी के हाथ से छिना पार्टी दफ्तर

ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले खेमे ने टीएमसी भवन पर किया कब्जा


निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदर जारी घमासान के बीच कोलकाता में शुक्रवार को ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले खेमे ने टीएमसी के दफ्तर को अपने नियंत्रण में ले लिया। टीएमसी के इस दफ्तर की दीवारों पर हर कहीं ममता बनर्जी के सियासी सफर से जुड़ी तस्वीरें टंगी हुई हैं। बागी खेमे ने दफ्तर को केंद्रीय चुनाव आयोग में पार्टी और चुनाव चिन्ह पर दावा ठोंकने के बाद कब्जे में लिया है। ऋतब्रत बनर्जी अपने साथ 80 में 60 से अधिक विधायकों के साथ होने का दावा कर रहे हैं।
टीएमसी में शुक्रवार को ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने कोलकाता की मेट्रोपॉलिटन बिल्डिंग में मौजूद तृणमूल कांग्रेस के हेडक्वार्टर 'तृणमूल भवन' पर कब्जा कर लिया। इससे पार्टी में लीडरशिप को लेकर चल रही खींचतान और तेज हो गई। बागी गुट के कब्जा करने के मौके पर नेता विपक्ष ऋतब्रत बनर्जी, संदीपान साहा, अखरुजमान, गुलाम रब्बानी, प्रसून बनर्जी, फिरहाद हकीम, जावेद खान मौजूद रहे। दिलचस्प बात यह है कि बिल्डिंग के मालिक मोंटू साहा ने पहले टीएमसी  (ममता बनर्जी गुट) से बिल्डिंग खाली करने के लिए कहा था।
टीएमसी में बागी गुट की अगुवाई कर रहे ऋतब्रत बनर्जी ने केंद्रीय चुनाव आयोग में खुद के खेमे के असली टीएमसी होने का दावा किया है। 2 जुलाई को उन्होंने कहा था कि उनका गुट ही 'असली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)' है और पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न (सिंबल) तथा संगठनात्मक संपत्तियों पर उनका वैध अधिकार है। उन्होंने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की थी। बनर्जी जनप्रतिनिधियों और संगठन के बहुमत का दावा कर रहे हैं।
•    तृणमूल भवन कोलकाता के ईएम बाईपास (महानगर क्षेत्र) में स्थित टीएमसी  का कार्यालय भवन है।
•    साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद जब तपसिया स्थित मुख्य कार्यालय को पुनर्निर्माण के लिए गिराया गया था।
•    इसके बाद तब 2022  में इस बहुमंजिला इमारत को पार्टी के अस्थायी मुख्यालय के रूप में किराए पर लिया गया था।
•    विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद इस 5-मंजिला इमारत के मालिक मोनोतोष (मोंटू) साहा ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए मई 2026 में टीएमसी को दो महीने के भीतर परिसर खाली करने का कानूनी नोटिस दिया था।
•    इसके बाद जून 2026 में पार्टी द्वारा इस कार्यालय से फर्नीचर और सामान हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
•    3 जुलाई 2026 ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने इस भवन पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी)  के कुल 80 विधायकों में से 60 से अधिक विधायक उनके साथ हैं, जो कि दो-तिहाई से अधिक बहुमत है। इसके अलावा उन्होंने आयोग को बताया कि पार्टी के अधिकांश काउंसलर,  कॉर्पोरेटर और जिला परिषद सदस्य भी उनके गुट का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने आयोग को सूचित किया कि 22 जून 2026 को हुए पार्टी के एक विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में ममता बनर्जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

Tags:

About The Author

Advertisement

Latest News