सुंदरबन में पति के सामने बाघ के हमले में महिला की गई जान
निज संवाददाता : दक्षिण 24 परगना जिले के सुंदरबन क्षेत्र में बाघ के हमले में एक महिला मछुआरे की जान चली गई। महिला नदी में केकड़े और मछली पकड़ने गई थी। मृतका का नाम बंदना दास है, जिसकी उम्र 35 साल थी। बंदना कूलतली ब्लॉक के गौरेर चक गांव की रहने वाली थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदना अपने पति के साथ 12 जून को जयनगर घाट से एक छोटी नाव लेकर सुंदरबन के कोलस कैंप के पास स्थित फूलबाड़ी जंगल क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। दोनों नदी की खाड़ियों में केकड़े और मछलियां पकड़ने का काम कर रहे थे।
बुधवार दोपहर बंदना नाव पर खाना बना रही थी। इसी दौरान पास के जंगल से निकलकर एक रॉयल बंगाल टाइगर अचानक नाव के करीब पहुंचा और उस पर हमला कर दिया। बाघ ने बंदना की गर्दन को अपने जबड़ों में दबोच लिया और घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाने की कोशिश की।
अपनी पत्नी पर हुए इस भयावह हमले को सामने से देख रहे उनके पति ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर-शराबा और हलचल बढ़ने पर बाघ बंदना को घायल अवस्था में छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी और काफी खून बह चुका था।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से बंदना को तुरंत बचाकर जयनगर-कूलतली ब्लॉक ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
सूचना मिलने पर कूलतली थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सुंदरबन क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोग आज भी अपनी आजीविका के लिए जंगल और नदी पर निर्भर हैं। केकड़े, मछली और शहद जुटाने के लिए उन्हें अक्सर बाघों के खतरे वाले इलाकों में जाना पड़ता है। हर साल कई लोग बाघों के हमलों का शिकार होते हैं, लेकिन आर्थिक मजबूरियों के कारण लोग जोखिम उठाने को विवश हैं।
