सीएम ने वन विभाग को दिए कई निर्देश
कहा-पेड़ों की कटाई पर होगी कार्रवाई
निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य के वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ काम करें। उन्होंने अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने सॉल्टलेक में वन सप्ताह समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए बड़े स्तर पर पेड़ लगाने के कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, हमने पशुओं की तस्करी, गिरोह राज और दूसरी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाई है। उसी तरह वन विभाग को भी पुलिस की मदद से अवैध पेड़ों की कटाई और लकड़ी की तस्करी रोकनी चाहिए।
• उन्होंने माना कि वन विभाग के अधिकारियों को काम के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्होंने विभाग के सचिव से कहा कि विभाग की सुविधाएं बेहतर बनाने और खाली पदों को भरने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करके दें।
• मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वन रक्षकों की भर्ती पुलिस भर्ती बोर्ड के जरिये होगी। उन्होंने बताया कि अगले कुछ महीनों के भीतर खाली पदों को भर दिया जाएगा।
• मुख्यमंत्री ने दक्षिण-पश्चिम बंगाल के जिलों में इंसानों और जंगली जानवरों के बीच होने वाले संघर्ष का जिक्र किया और कहा कि हाथियों की सुरक्षा और जंगलमहल क्षेत्र में विकास कार्यों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। जंगलमहल में झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया और बांकुड़ा जिले शामिल हैं।
• उन्होंने बताया कि फसल कटाई के मौसम में हाथियों के झुंड अक्सर खेतों में आ जाते हैं। इस वजह से गांव वालों और हाथियों के बीच टकराव की घटनाएं आम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकार ने वन विभाग की अनदेखी की। हमें ओडिशा और छत्तीसगढ़ से सीखना चाहिए कि वन विभाग को किस तरह प्राथमिकता दी जाती है। सभी लोगों से पेड़ लगाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, आइए, हम मिलकर प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल पश्चिम बंगाल बनाएं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 26 करोड़ पौधे लगाने के संकल्प का जिक्र किया। शुभेंदु ने कहा, हमारा राज्य उत्तर प्रदेश जितना बड़ा नहीं है। लेकिन हम इस साल 10 करोड़ पौधे लगा सकते हैं।
