फालता के टीएमसी नेता जहांगीर खान गिरफ्तार
खुद को पुष्पा' बताने वाले नेता को एसटीएफ ने नेपाल बॉर्डर से पकड़ा
निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने फालता से चुनाव लड़ने वाले टीएमसी नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार किया है। फालता चुनाव में हिंसा के आरोपी जहांगीर खान लंबे समय से लापता थे। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा के चलते फालता में मतदान रोक दिया गया था। चुनाव के दौरान उसने पुलिस अधिकारी को 'पुष्पा झुकेगा नहीं' कहकर चुनौती दी थी। 21 मई को इस सीट पर दोबारा चुनाव हुआ था। मतदान से ऐन पहले ही जहांगीर खान ने अपना नाम वापस ले लिया था। हालांकि जहांगीर ने यह साफ नहीं किया था कि इस फैसले के पीछे पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी या तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व का कोई निर्देश है या नहीं। वहीं, तृणमूल ने साफ तौर पर कहा था कि यह फैसला जहांगीर का निजी फैसला है, पार्टी का निर्देश नहीं।
मालूम हो कि फालता में चुनाव के दौरान टीएमसी नेता जहांगीर खान पर ईवीएम में छेड़खानी के आरोप लगे थे। इसके अलावा चुनाव ऑब्जर्वर बनाए गए आईपीएस अजयपाल शर्मा की सख्ती के बाद उनके बयानों ने सुर्खियां बटोरी थीं। जहांगीर खान ने कहा था कि अगर अजयपाल शर्मा सिंघम है तो वह पुष्पा हैं। चुनाव में गड़बड़ी की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने फालता का चुनाव रद्द कर दिया था। 26 मई को फालता में दोबारा मतदान हुआ। तब जहांगीर खान ने वोटिंग से दो दिन पहले खुद को चुनाव से अलग कर लिया। फालता में बीजेपी की जीत हुई और जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे। जहांगीर खान को टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। फालता में करारी हार के बाद टीएमसी के भीतर भी काफी हंगामा हुआ और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठे।
जहांगीर खान के खिलाफ दर्ज केस
• जहांगीर खान के खिलाफ जबरन वसूली, धमकी देने, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
• जहांगीर इन सभी मामलों में लगातार फरार चल रहा था।
• पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही थी।
• स्थानीय स्तर पर प्रभाव और दबदबे के कारण जहांगीर खान को लोग ‘फालता का पुष्पा’ भी कहकर बुलाते थे।
