फ्लाईदुबई की घटना पर तस्लीमा ने दिया चौंकाने वाला बयान
निज संवाददाता : बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने फ्लाईदुबई की घटना को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा-अब, अगर पायलट मुस्लिम हो तो कोई भी फ़्लाइट में बैठने से डरेगा। मंगलवार सुबह किए गए उनके इस पोस्ट ने काफी चर्चा छेड़ दी है।
तस्लीमा, जो अक्सर विवादों में रहती हैं, अपनी बेबाक और सीधी बातों के लिए जानी जाती हैं। इस मामले में भी उन्होंने अपनी बात साफ-साफ कही। फ्लाईदुबई की घटना ने हाल ही में दुनिया भर में हलचल मचा दी है और कई लोग इसकी तुलना 9/11 के हमलों से कर रहे हैं। फ्लाईदुबई फ़्लाइट के को-पायलट और ओमान के नागरिक हम्माम अल-हमामी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला किया था। यूएई की जांच टीम ने इस घटना को "आतंकवादी तोड़फोड़" की कार्रवाई करार दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हम्माम कट्टरपंथी विचार रखता था और उसे अपने देश ओमान में उड़ान भरने से पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका था।
सवाल उठाए जा रहे हैं कि इस बैकग्राउंड के बावजूद उसे विमान उड़ाने का मौका कैसे मिला। वहीं, सूत्रों का दावा है कि हमम के पास विमान को हाईजैक करने और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ करने का "ब्लूप्रिंट" था। आखिरकार, उसकी कोशिश नाकाम कर दी गई। साथ ही, यात्रियों ने जो हिम्मत दिखाई, उसकी भी खूब तारीफ़ हो रही है।
हालांकि, इस घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि इज़राइल ने हम्माम जैसे व्यक्ति को पायलट की भूमिका सौंपने में ज़्यादा सावधानी क्यों नहीं बरती—एक ऐसा व्यक्ति जिसे उसके अपने देश में विमान उड़ाने की इजाज़त नहीं थी। अगर ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होती और उसे काबू में न किया जा पाता, तो इसके भयानक नतीजों के बारे में सोचकर ही कई लोग सिहर उठते हैं। ज़्यादा सतर्कता बरतने की मांग की जा रही है। तस्लीमा की हालिया पोस्ट में भी इसी चिंता को ज़ाहिर किया गया था।
गौर करने वाली बात है कि तस्लीमा अपने बेबाक अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अक्सर इस्लामी कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है। कुछ हफ़्ते पहले पुर्तगाल में बुर्के पर रोक लगाने वाला बिल पास हुआ था—इस कदम का मशहूर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने स्वागत किया था, जिन्होंने बुर्के और नक़ाब पर वैश्विक स्तर पर रोक लगाने की वकालत की थी। अब, उन्होंने फ्लाईदुबई की घटना पर भी टिप्पणी की है।
