टीएमसी विधायक मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
रिश्वत में नकद और सोना लेने का आरोप
निज संवाददाता : कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बड़ा कदम उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक मदन मित्रा के ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जांच के दायरे में सामने आए वित्तीय लेनदेन और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर की जा रही है। मदन मित्रा वर्तमान में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की कमरहटी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रह चुके मदन मित्रा से जुड़े कुल सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ईडी का आरोप है कि कमरहटी नगरपालिका सहित कई नगरपालिकाओं में अलग-अलग पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के बदले बिचौलियों के माध्यम से रिश्वत ली गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इस दौरान नकद राशि और सोने के रूप में लेनदेन हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, मदन मित्रा करीब 125 कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल ईडी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
ईडी को इस बहुचर्चित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जानकारी सबसे पहले तब मिली थी, जब एजेंसी पश्चिम बंगाल के स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रमोटर अयान शील के घर छापेमारी कर रही थी। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और सूचनाएं सामने आईं, जिसके बाद नगरपालिका भर्ती घोटाले की परतें खुलनी शुरू हुईं। बाद में, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी 'नगरपालिका नौकरियों के बदले कैश' मामले में समानांतर जांच शुरू कर दी। जैसे-जैसे इन दोनों केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों ने जांच को आगे बढ़ाया, राज्य के मंत्रियों और सत्ताधारी दल के नेताओं सहित कई राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए।
