कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद विवाद

अगर वहां मस्जिद की जगह मंदिर भी होता तब भी उसे हटाया जाता : शमिक भट्टाचार्य

कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद विवाद


निज संवाददाता : कोलकाता एयरपोर्ट के परिचालन क्षेत्र में मौजूद 136 साल पुरानी बांकड़ा मस्जिद (गौरीपुर जामा मस्जिद) में प्रवेश अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि मस्जिद को वहां से हटाया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस फैसले पर मुस्लिम समुदाय ने नाराजगी जाहिर की है। इस बीच बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा है कि अगर वहां मस्जिद की जगह मंदिर भी होता तब भी उसे हटाया जाता।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वहां कोई मस्जिद न होकर हनुमान जी का मंदिर भी होता तब भी उसको हटाया जाता। उन्होंने कहा कि बीजेपी मंदिर और मस्जिद की राजनीति से बाहर आकर बात करना चाहती है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि भारत में और बंगाल में बाबर की सरकार नहीं है।
वहीं इस मामले पर बीजेपी विधायक सौरव सिकदर ने कहा कि नमाज पढ़ने के लिए जगहों की कोई कमी नहीं है सड़क पर एक बड़ा मदरसा है, उसके अंदर एक मस्जिद है, गौरीपुर मस्जिद भी है वहां नमाज पढ़ सकते हैं। अपने घरों में भी नमाज पढ़ी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आखिर इसकी क्या वजह है कि रनवे के बीचों-बीच, हाई सिक्योरिटी ज़ोन में बनी मस्जिद में नमाज़ पढ़ना जरूरी है इसका क्या मकसद है इसकी जांच करना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शांति पसंद मुस्लिमों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए उकसाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं तृणमूल कांग्रेस नेता और बांकड़ा मस्जिद के प्रेसिडेंट सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने बांकड़ा मस्जिद में नमाज़ रोके जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पांच दिन बीत चुके हैं और कोई विरोध नहीं हुआ है। लोगों को बेवजह उकसाया गया और इकट्ठा किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाली जुमे की नमाज़ के लिए वो पश्चिम बंगाल के मुस्लिम भाइयों और बहनों से अपील करते हैं कि वो शांति से आएं, नमाज़ पढ़ें, अल्लाह से दुआ करें और शांति से लौट जाएं। उन्होंने कहा कि कोई विरोध नहीं होगा। कोई कैंपेनिंग और लोगों को ज़बरदस्ती इकट्ठा करने जैसा कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे और कोई गैरकानूनी काम नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि जो लोग नमाज पढ़ने जाएंगे वो विरोध के तौर पर अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर जाएंगे जो उनके विरोध का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि हमें दुख है कि 136 साल से चल रही मस्जिद बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बांकड़ा में हमारे पास नमाज़ पढ़ने की कोई जगह नहीं है और हमें 5 बार नमाज़ पढ़नी होती है। उन्होंने कहा कि हम दुआ करते हैं कि सही रास्ता खुले।
गौरतलब है कि कोलकाता एयरपोर्ट के परिचालन क्षेत्र में स्थित 136 साल पुरानी बांकड़ा मस्जिद, जिसे गौरीपुर जामा मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है वहां प्रवेश अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ आधार कार्ड के आधार पर प्रवेश की अनुमति देना सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं माना गया है। अधिकारियों ने कहा कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं के कारण मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

Tags:

About The Author

Advertisement

Latest News