जन्माष्टमी पर घर लाएं बांसुरी, बुरी शक्तियों का होगा नाश
भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी संगीत और प्रेम की प्रतीक ही नहीं, बल्कि सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम भी है|
नयी दिल्ली : भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी संगीत और प्रेम की प्रतीक ही नहीं, बल्कि सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम भी है| जन्माष्टमी के अवसर पर जहां श्रीकृष्ण की पूजा से जीवन में आनंद और समृद्धि आती है, वहीं धार्मिक और वास्तु शास्त्र की मान्यता के अनुसार घर में बांसुरी रखने से वास्तु दोष भी दूर होते हैं|
आर्थिक तंगी दूर करने के लिए : अगर घर में पैसों की कमी बनी रहती है तो तिजोरी या आलमारी, जहां आप धन रखते हैं, वहां पर छोटी चांदी की बांसुरी रखें| यह उपाय लक्ष्मी कृपा पाने और धन वृद्धि में सहायक होता है|
मुख्य द्वार पर बांसुरी लगाना : अगर घर में बार-बार नकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हो या घर में प्रवेश करने पर भारीपन लगे, तो मुख्य द्वार के ऊपर पीतल या बांस की बांसुरी को लाल धागे से बांधकर लगाएं| यह उपाय बुरी शक्तियों को घर में प्रवेश करने से रोकता है|
शयनकक्ष में बांसुरी रखना : पति-पत्नी के रिश्ते में खटास या अनबन हो तो शयनकक्ष की पूर्व दिशा में दो बांसुरियां लाल या पीले रेशमी धागे से बांधकर रखें| यह उपाय प्रेम, सामंजस्य और आपसी विश्वास बढ़ाता है|
घर में वास्तु दोष से छुटकारा पाने के हेतु : मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण की तस्वीर के पास बांसुरी रखने से सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है| वास्तु शास्त्र में भी बांसुरी का अधिक महत्व है| इसके अनुसार घर में बांसुरी रखने से केवल शुभता या शांति ही नहीं आती, बल्कि घर में मौजूद वास्तु दोष भी समाप्त हो जाता है|
कारोबार में मिलेगी कामयाबी : व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है या फिर अन्य किसी तरह की दिक्कत बनी ही रहती है, तो बांस से बनी बांसुरी का इस्तेमाल किया जा सकता है| इसके लिए जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने के बाद अपनी दुकान या ऑफिस की छत पर बांसुरी लटका दें| इससे आपको लाभ मिलेगा|
