जीएसटी 2.0 के बाद भी शेयर बाजार शुरुआती बढ़त के बावजूद फिसल गया, और सेंसेक्स 135 अंक गिरकर बंद हुआ, .
साथ ही निफ्टी भी 24,700 के नीचे आ गया
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. विजय कुमार के अनुसार, बाजार में जिस तेजी की उम्मीद पहले दिन बनी थी, वह इस बार टिक नहीं पाई और शेयर बाजार उस रफ्तार को बरकरार नहीं रख सका.
GST 2.0 के ऐलान के बाद सप्ताह के अंतिम कारोबार दिन शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की थी—बीएसई सेंसेक्स 300 अंकों की छलांग के साथ उभरा, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी और आखिर में 135 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ. निफ्टी 50 भी दबाव में आकर 24,700 के नीचे बंद हुआ. विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में एक दिन पहले दिखी तेजी इस बार बरकरार नहीं रह पाई.
बाजार में गिरावट के कारण
नई जीएसटी दरों से दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं पर बड़ा असर पड़ने वाला है—रोटी, पराठा, बालों का तेल, आइसक्रीम और टीवी जैसे रोजमर्रा के उत्पाद सस्ते होंगे, जबकि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर अब जीएसटी नहीं लगेगा. अब सिर्फ दो स्लैब—5% और 18%—लागू होंगे, और ये 22 सितंबर से (नवरात्रि के पहले दिन) लागू होंगे.
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में सबसे ज्यादा 5.96% की तेजी देखी गई; बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयर लाभ में रहे. दूसरी तरफ, मारुति सुजुकी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचसीएल टेक, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर नुकसान में बंद हुए.
बाजार में मजबूती क्यों नहीं रह पाई?
विश्लेषकों ने बताया कि नई जीएसटी दरों के चलते चीजों के सस्ते होने की उम्मीद में बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन कारोबारी सत्र के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली की वजह से शुरुआती बढ़त खत्म हो गई. वाहन, दैनिक उपयोग और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों की कंपनियों के शेयरों में सुबह अच्छी खरीदारी हुई, लेकिन बाद में मुनाफावसूली ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना दिया.
इस प्रकार, शेयर बाजार की शुरुआती बढ़त नई जीएसटी दरों की खबर के चलते थी, लेकिन मुनाफावसूली के दबाव में बाजार दिन के अंत तक गिरावट में बंद हुआ.
