हड्डियों के लिए कैल्शियम ही नहीं, विटामिन डी भी जरूरी

हड्डियों के लिए कैल्शियम ही नहीं, विटामिन डी भी जरूरी

 

निज संवाददाता : वर्तमान समय में घर-परिवार में अक्सर किसी न किसी को पीठ दर्द, घुटनों के दर्द या चलने-फिरने में दिक्कत की शिकायत रहती है। गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस, बर्साइटिस, अर्थराइटिस या पेजेट रोग जैसी बीमारियां सामने आने लगती हैं। ज्यादातर मामलों में डॉक्टर लंबे इलाज या सर्जरी तक की सलाह दे देते हैं।

हड्डियों से जुड़ी इन समस्याओं की जड़ केवल कैल्शियम की कमी होती है। यह बात काफी हद तक सही भी है, लेकिन पूरी सच्चाई नहीं है। कई लोग बचपन से दूध, दही और अन्य डेयरी उत्पादों का सेवन करते आ रहे होते हैं, इसके बावजूद उन्हें रीढ़ और जोड़ों से जुड़ी परेशानियां घेर लेती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वजह क्या है। असल में रीढ़ की हड्डी और जोड़ों की सेहत के लिए सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि विटामिन डी भी उतना ही अहम होता है। ये दोनों मिलकर ही हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।

हमारी रीढ़ की हड्डी कई कशेरुकाओं से बनी होती है, जो आपस में एक खास तरल पदार्थ, साइनोवियल द्रव, के जरिए जुड़ी रहती हैं। यही द्रव जोड़ों को चिकनाई देता है और उन्हें आसानी से हिलने-डुलने में मदद करता है। हड्डियों को मजबूती देने में अस्थि मज्जा की भी बड़ी भूमिका होती है, जो हड्डियों के भीतर गहराई तक कैल्शियम और फास्फोरस पहुंचाने का काम करती है। लेकिन हड्डियों में कैल्शियम का सही अवशोषण तभी संभव है, जब शरीर में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो। यदि शरीर में विटामिन डी की कमी हो, तो अच्छा आहार और दवाएं भी अपेक्षित असर नहीं दिखा पातीं। विटामिन डी एक ऐसा विटामिन है, जो मुख्य रूप से सूरज की रोशनी से बनता है और शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को करीब 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। कैल्शियम और विटामिन डी का संयुक्त प्रभाव रीढ़ की हड्डी और जोड़ों से जुड़ी कई समस्याओं से बचाव और राहत देने में बेहद कारगर माना जाता है। विटामिन डी मांसपेशियों में होने वाली अकड़न को कम करने में भी मदद करता है और गर्दन, कंधों व पीठ के दर्द से राहत दिलाता है। वहीं इसकी कमी से हड्डियां कमजोर और मुलायम होने लगती हैं। इस स्थिति में जोड़ों का साइनोवियल द्रव भी अपना काम ठीक से नहीं कर पाता और हड्डियों से चिपकने लगता है। नतीजतन जोड़ों में दर्द बढ़ने लगता है और हालत ज्यादा बिगड़ने पर घुटनों के ऑपरेशन तक की नौबत आ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कैल्शियम और विटामिन डी को सप्लीमेंट के बजाय प्राकृतिक स्रोतों से लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। कैल्शियम के लिए दूध, दही, पनीर, अंडा, बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां, चना, सत्तू और रागी को आहार में शामिल करना चाहिए।

Tags:

About The Author

Advertisement

Latest News