नियमित और लगातार की गई एक्सरसाइज से हार्ट हेल्थ होती है मजबूत
घर-परिवार का ख्याल रखने वाली महिलाओं की सोच होती है कि वह घर का सारा काम करती है, इससे ही उनकी फिजिकल एक्टिविटी पूरी हो जाती है।
इसलिए उन्हें अलग से वर्कआउट करने की जरूरत नहीं। यही वजह है कि उनकी दिनचर्या में व्यायाम या संतुलित खानपान के लिए समय निकालना आम तौर पर पीछे रह जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि घर का काम जैसे झाड़ू-पोछा, बर्तन धोना या कपड़े साफ करना शरीर को सक्रिय तो रखते हैं, लेकिन इसे पूरी तरह एक्सरसाइज नहीं माना जा सकता। सही एक्सरसाइज वह होती है, जिसमें आप लगातार आधे घंटे तक किसी भी शारीरिक गतिविधि में शामिल होती हैं। इसमें वॉकिंग, योग, प्राणायाम या किसी प्रकार की फिटनेस एक्टिविटी शामिल हो सकती है। नियमित और लगातार की गई एक्सरसाइज से हार्ट हेल्थ मजबूत होती है, स्टैमिना बढ़ता है, हड्डियों की ताकत बढ़ती है और वजन नियंत्रित रहता है। घर के काम में कैलोरी बर्न करने की थोड़ी मात्रा जरूर होती है, लेकिन यह शरीर को फिट और हेल्दी बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं होती। एक्सरसाइज की खासियत यह है कि इसमें शरीर को निरंतर और इंटेंसिव तरीके से एक्टिव रखा जाता है, जिससे स्वास्थ्य और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। वहीं, घर के काम केवल शरीर के कुछ हिस्सों को सक्रिय रखते हैं और इसमें लगातार समय नहीं लगता। हेल्थ एक्सपर्ट्स महिलाओं को यही सलाह देते हैं कि वे अपने रोजमर्रा के घर के काम को फिजिकल एक्टिविटी का हिस्सा जरूर बनाएं, लेकिन इसके साथ ही अपने लिए भी समय निकालें। हफ्ते में कम से कम तीन दिन नियमित रूप से वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज शुरू करना बहुत फायदेमंद रहेगा। अगर कोई ज्यादा समय नहीं निकाल सकती, तो छोटे-छोटे सेशन भी मददगार साबित होते हैं। सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब महिलाएं खुद की सेहत का ध्यान रखेंगी और खुद से प्यार करेंगी, तभी वे अपने परिवार के लिए भी सही तरीके से देखभाल कर पाएंगी। इसलिए, घर के काम को एक्सरसाइज का विकल्प मानना गलत है। महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी फिटनेस और सेहत को प्राथमिकता दें और नियमित व्यायाम तथा संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम दोनों ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
