भाजपा विधायक का अग्निमित्र पाल सुबह-सुबह किया डामरा नदी घाट अचौक्क दौरा
बालू से लदे वाहनों की चाबी की जब्त बताया अवैध बालू उत्खनन, पुलिस ने कहा वैध बालू घाट।
आए दिन शिल्पांचल के समाचार पत्रों में बालू तस्करी की समाचार सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों के द्वारा इस पर रोक लगाने की मांग की जाती रही है। लेकिन नतीजा ढाक तीन पात है। इसी परिपेक्ष्य मेंआसनसोल दक्षिण विधानसभा की भाजपा विधायिका अग्निमित्रा पाल गुरुवार की सुबह-सुबह ही अचानक डामरा नदी घाट की दौर की और वहां बालू से लदे डंपरो और ट्रकों को रोका। साथ ही वाहन चालकों को चमकाते हुए उन्होंने कई ट्रकों और डंपरों के चाबियां को जब्त कर ली। इस दौरान उन्होंने मीडिया कर्मियों को बताया कि यहां अवैध बालू खनन हो रहा है। यहां के अवैध बालू कोलकाता समेत कई शहरों में बालू तस्कर बालू बेचकर पैसा कमा रहे हैं। जबकि स्थानीय लोगों को एक ट्रैक्टर बालू भी नहीं मिल रहा है। यह गोरख धंधा वे चलने नहीं देंगी। यदि पुलिस प्रशासन ने इस पर कार्यवाही नहीं की तो वह इस अवैध बालू तस्करी के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। इधर इस घटना की खबर पाकर आसनसोल दक्षिण थाना के पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह वैद्य नदी बालू घाट है। इस पर विधायिका अग्नि मित्र पाल ने चालान दिखाने को कही। हालांकि मौके पर कोई भी चालक चालान नहीं दिखा पाया। इसके बाद अग्निमित्र पाल ने पुलिस अधिकारी से मांग की कि वह अवैध बालू खनन के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज करवा रही हैं। पुलिस इस मामले की तहकीकात करें कि यह वैध है कि अवैध है। उन्होंने कहा कि वैध तरीके से ही बालू से लदे ट्रैकों को परिचालन करने दिया जाएगा। इस दौरान अग्निमित्रा पाल और उनके समर्थकों और पुलिस अधिकारी के बीच काफी नोक झोंक हुई। लेकिन पुलिस अधिकारी का स्पष्ट तौर पर कहना था कि इस घाट से अवैध बालू का परिचालन नहीं हो रहा है। बल्कि यह वैध बालू घाट है। वही इस मामले को लेकर जब स्थानीय पार्षद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे 2022 से ही बालू से लदे वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने के लिए जिला अधिकारी, पुलिस प्रशासन, मंत्री, भूमि राजस्व विभाग सभी को पत्र लिखे हैं। 2024 में भी उन्होंने बालू खनन पर रोक लगाने के लिए पत्र लिखा। इसके बावजूद भी बालू खनन और परिचालन बंद नहीं हुई। वह अपने जगह पर साफ सुथरा हैं। वे अग्निमित्र पाल की इज्जत करते हैं। वह 5 साल से यहां की विधायिका है। उन्हें नजर नहीं आ रही है कि यहां क्या हो रहा है। वह बचपन से ही यहां गरीब लोगों के द्वारा साइकिल और बैलगाड़ी से बालू ढुलाई और खनन का कार्य देखते आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने अवैध बालू खनन और परिचालन के संबंध में पूछे जाने पर बताया कि उनके जानकारी में नहीं है कि यहां अवैध बालू खनन होता है या नहीं। हालांकि स्थानीय लोग भाजपा विधायिका अग्निमित्रा पाल के इस कार्य से काफी खुश नजर आए।उन्होंने स्थानीय लोगों का कहना था कि अवैध बालू उत्खनन और परिचालन पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। विधायिका ने जो कार्य किया बहुत अच्छा कार्य किया।
