चार एमभीआई अधिकारीयों के ऊपर आसनसोल अदालत मे मामला दर्ज

मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री जिलाशासक सहित आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर को भी अधिवक्ता ने की है लिखित शिकायत

चार एमभीआई अधिकारीयों के ऊपर आसनसोल अदालत मे मामला दर्ज

एक मामले मे अपने क्लाइंट की पैरवी करने के दौरान अधिकारीयों द्वारा अभद्र भाषा और बत्तमीजी करने का अधिवक्ता ने लगाया गंभीर आरोप.

आसनसोल : पश्चिम बंगाल आसनसोल अदालत मे अधिवक्ताओं के एक दल ने आसनसोल कुलटी थाना अंतर्गत रामपुर एमभीआई चेकपोस्ट पर तैनात चार एमभीआई अधिकारी सुदीपतो मजूमदार, संजय मंडल, ऋषि सूबा और शिव ओरांग के  दादागिरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, अधिवक्ता बीरेंद्र कुमार सिंह ने आसनसोल अदालत मे चारों अधिकारीयों के खिलाफ 356( 1 ), 356( 2 ), 351( 1 )BNS के तहत मामला दर्ज करवा दिया है, इसके अलावा उन्होंने चारों अधिकारीयों के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी, परिवहन मंत्रालय, पश्चिम बर्धमान के जिलाशाशक सहित आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर को भी एक लिखित शिकायत की है, जिसमे अधिवक्ता ने एमभीआई अधिकारियों के ऊपर यह गंभीर आरोप लगाया है की वह 27 जुलाई 2025 को सुबह करीबन दस बजे कुलटी थाना अंतर्गत रामपुर स्थित चौरंगी चेकपोस्ट पर एमभीआई अधिकारीयों द्वारा पकड़ी गई RJ 02GC 6617 शंख्या की एक ट्रक की पैरवी करने ट्रक मालिक के बुलावे पर 29 जुलाई 2025 को सुबह करीबन दस बजे गए, जहाँ अधिवक्ता ने एमभीआई अधिकारीयों से पिछले तीन दिनों से ट्रक पकड़कर रखने की पहले वजह पूछी, जिसके बाद एमभीआई अधिकारीयों ने अधिवक्ता से कहा की ट्रक ओभर लोडिंग है इस लिये उन्होंने ट्रक को पकड़ रखा है, जिसका फाईन एमभीआई अधिकारीयों ने कुल तीस हजार रुपए बताए, जबकि ट्रक मे अंडर लोडिंग थी, जिसका कागजात भी अधिवक्ता को ट्रक मालिक ने उपलब्ध करवा दी थी, जिसके बिनाह पर अधिवक्ता ने एमभीआई अधिकारीयों को कहा की वह उनके द्वारा ओभर लोडिंग की लगाई गई फाईन को भरने के लिये तैयार हैं, पर अगर ट्रक अंडर लोडिंग हुई तो क्या वह ट्रक को ओभर लोडिंग कर देंगे, जिसका वह फाईन भर रहे हैं, अधिवक्ता की इस बात पर एमभीआई अधिकारी भड़क गए और अधिवक्ता के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल और धक्का-मुक्की कर साथ मे उसे दलाल बोलकर यह भी कह डाला की उसके जैसे वकील उन्होंने बहोत देखे हैं,  जाओ -जाओ जो करना है कर लो और उसे अपने कार्यालय से धक्के मारकर भगा दिया, जिसके बाद अधिवक्ता ने अपने ऊपर हुई घटना की जानकारी अपने अन्य अधिवक्ता साथियों से बताई, जिसके बाद सभी अधिवक्ताओं ने एमभीआई अधिकारीयों के द्वारा उनके अपने कार्यालय मे अधिवक्ता के साथ की गई अभद्र वेवहार और धक्का -मुक्की  सहित दादागिरी करने के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक लिखित शिकायत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी, परिवहन मंत्री, पश्चिम बर्धमान जिला शाशक सहित आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर को की, जब एमभीआई अधिकारीयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई तब अधिवक्ताओं ने न्याय के लिये आसनसोल अदालत का दरवाजा खटखटाया, अधिवक्ता बीरेंद्र कुमार सिंह और संजय पांडे ने न्यालय पर भरोषा जताते हुए यह कहा है की उनको पूर्ण रूप से यह बिश्वास है की उनको न्याय मिलेगा और अदालत के आदेश पर मामले की उचित जाँच भी होगी, साथ मे आरोपी एमभीआई अधिकारीयों के ऊपर कानूनी कार्रवाई भी होगी, हम बताते चलें की एमभीआई अधिकारीयों द्वारा की जा रही दादागिरी और बिना वजह बाहरी राज्यों से आने वाली ट्रकों को पकड़कर उनपर गलत तरीके से आरोप लगाकर उनसे फाईन के नाम पर पैसे वसूलना कोई नई बात नही है, इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं, जो मामले न्यालय जाने से पहले ही अंडर टेबल सुलझ या फिर सुलझा लिये जाते हैं, ऐसा इस लिये की कोई भी ट्रक मालिम किसी भी प्रकार की केश के चक्कर मे नही फंसना चाहता, क्योंकि उनका ट्रक अक्सर इसी ररूट से आना -जाना कर्ता है, वह डरते हैं की अगर उन्होंने अधिकारीयों के खिलाफ कोई कदम उठाया तो आने वाले समय मे उनके लिये कोई बड़ा मुसीबत ना बन जाए, इस लिये वह जानबुझकर एमभीआई अधिकारीयों की दादागिरी सहते हैं और उनके द्वारा गलत तरीके से लगाए गए जबरन फाईन को भरकर वह अपनी मंजिल की ओर बढ़ जाते हैं, आसनसोल के अधिवक्ताओं द्वारा उठाए गए इस कदम से कई ट्रक मालिक खुश हैं और वह अधिवक्ता को न्यालय द्वारा जल्द से जल्द न्याय मिलने की राह तक रहे हैं

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