प्राथमिक में भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने दाखिल की फाइनल चार्जशीट

माणिक के अलावा हैं कइयों के नाम

प्राथमिक में भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने दाखिल की फाइनल चार्जशीट

निज संवाददाता : प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार के मामले में कुछ और प्रगति हुई है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने अंतिम आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने बीते शुक्रवार को इस मामले में अंतिम आरोपपत्र बैंकशाल अदालत में पेश किया। आरोपपत्र में तीन प्रभावशाली लोगों के नाम हैं। इनमें प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल विधायक माणिक भट्टाचार्य, बीरभूम के नलहाटी 2 ब्लॉक के पूर्व तृणमूल अध्यक्ष विभास अधिकारी और प्राथमिक शिक्षा बोर्ड की पूर्व सचिव रत्ना चक्रवर्ती शामिल हैं।

जांच अधिकारियों का दावा है कि प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ी अनियमितताओं और रिश्वतखोरी का एक नेटवर्क विकसित हुआ था। सीबीआई के पास मौजूद दस्तावेजों के अनुसार, कम से कम 350 लोगों को अवैध रूप से भर्ती किया गया था। उनमें से कई ने आवश्यक योग्यता न होने के बावजूद नौकरी पा ली। जांच से पता चला है कि विभास अधिकारी ने इस अवैध भर्ती में एक एजेंट की भूमिका निभाई थी।

जब माणिक भट्टाचार्य प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष थे, तब रत्ना चक्रवर्ती सचिव थीं। जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों के बीच सीधे संवाद के जरिए भर्ती भ्रष्टाचार का गिरोह सक्रिय था। सीबीआई जांच कर रही है कि भर्ती फाइल तैयार करने से लेकर मंजूरी तक की प्रक्रिया में रत्ना की सक्रिय भूमिका थी या नहीं। विभास अधिकारी का नाम पहले भी कई विवादों में घिर चुका है। हाल ही में उसे नोएडा में फर्जी थाना चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद एक के बाद एक उसकी कई अवैध गतिविधियों की जानकारी सामने आई। उसने बीरभूम के हरिपुर में करीब 450 बीघा जमीन पर आश्रम बना रखा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसने डरा-धमकाकर और कम कीमत पर जमीन खरीदी। कथित तौर पर, कई मामलों में उसने जमीन मालिकों को भुगतान भी नहीं किया। जांच सूत्रों के मुताबिक, विभास अधिकारी इस मामले में ईडी और सीबीआई के कई समन में भी पेश हो चुका है। डेढ़ साल पहले सीबीआई ने कोलकाता के अमहर्स्ट स्ट्रीट स्थित उसके फ्लैट पर छापा मारा था। तब भी उसके घर से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच एजेंसी ने उसी दिन फ्लैट को सील कर दिया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, मुकदमे की प्रक्रिया में इन तीनों की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। सीबीआई मामले की अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष विस्तृत जानकारी और सबूत पेश करेगी।

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