कृष्णानगर छात्रा हत्याकांड में 78 दिन बाद चार्जशीट दाखिल

परिवार को पुलिस पर भरोसा

कृष्णानगर छात्रा हत्याकांड में 78 दिन बाद चार्जशीट दाखिल


निज संवाददाता : नदिया के कृष्णानगर में एक स्कूली छात्रा की नृशंस हत्या की जांच लगभग अंतिम चरण में है। पुलिस ने घटना के 78 दिन बाद चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने इसे मंगलवार को कृष्णानगर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। इस चार्जशीट में मुख्य आरोपी देशराज सिंह, उसके पिता राघवेंद्र प्रताप सिंह और चाचा कुलदीप सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच दल ने बताया कि 300 पन्नों की चार्जशीट में घटना का पूरा विवरण,  गवाही और फोरेंसिक जानकारी शामिल है। मृतक छात्रा इशिता मलिक के परिवार ने कहा कि उन्हें कड़ी सजा मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि यह रोमांचक हत्या इसी साल 25 अगस्त की दोपहर कृष्णानगर के महिला कॉलेज से सटे इलाके में हुई थी। उच्चतर माध्यमिक की छात्रा इशिता की उसके घर में घुसकर बेहद नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी देशराज सिंह, जो उत्तर प्रदेश का निवासी है,  इशिता का पूर्व प्रेमी बताया जा रहा है। वह लंबे समय से कांचरापाड़ा में रह रहा था। पुलिस जांच में पता चला है कि इशिता से रिश्ता टूटने के बाद देशराज के मन में बदला लेने की तीव्र इच्छा पैदा हो गई थी, जिसके कारण वह उस दिन बंदूक लेकर इशिता के घर में घुस गया और बेरहमी से गोलियां चला दीं। इस क्रूर घटना के बाद से पुलिस हाई अलर्ट पर है। देशराज की गिरफ्तारी के अलावा उसके पिता और मामा की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई। जांच में पता चला कि तीनों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से घटना में शामिल थे। आरोप पत्र में देशराज सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103, 109, 61 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत आरोप तय किए गए हैं। वहीं, उसके पिता राघवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ धारा 103, 203 और 61 के तहत और उसके मामा कुलदीप सिंह के खिलाफ धारा 253, 338, 336, 61 और 103 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में चार्जशीट में कुल 21 गवाहों के बयान जोड़े गए हैं। इसके अलावा, घटना के पुनर्निर्माण से संबंधित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कॉल रिकॉर्ड, मैसेज ट्रेल और वीडियो साक्ष्य जब्त किए गए हैं। जांच में इस्तेमाल की गई फोरेंसिक रिपोर्ट और हथियारों की बरामदगी से जुड़ी जानकारी भी संलग्न की गई है। कुल मिलाकर, चार्जशीट के प्रत्येक भाग का चार्जशीट में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, ताकि आरोपियों के खिलाफ मामला अदालत में मजबूती से स्थापित हो सके। मृतक इशिता मलिक  का परिवार इस चार्जशीट में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट है। अब बस यही उम्मीद है कि मुकदमा जल्दी शुरू हो और बेटी के हत्यारों को सख्त से सख्त सज़ा मिले। पुलिस ने बताया है कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और अदालत के आदेश मिलते ही मुकदमे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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