अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर मुख्यमंत्री ने दिया विकास का हिसाब
15 साल में 10 गुना बढ़ा बजट
निज संवाददाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर राज्य में अल्पसंख्यकों के विकास का हिसाब पेश किया। मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। वहां उन्होंने लिखा- अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर सभी को दिल से बधाई। यह मेरे लिए गर्व की बात है, हमारी सरकार ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बहुत काम किया है और कर रही है। माना जाता है कि राज्य में करीब 30 फीसद अल्पसंख्यक वोटर हैं (हालांकि चुनाव आयोग अलग से अल्पसंख्यक वोटरों के बारे में कोई जानकारी नहीं देता है)। ममता ने कहा कि 2011 में सत्ता में आने के बाद से उस अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बजट 10 गुना बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए लिखा-अल्पसंख्यक मामलों के विभाग का प्लान बजट 10 गुना से ज़्यादा बढ़ाया गया है– 2010-11 में 472 करोड़ रुपए से 2025-26 में 5,602 करोड़ रुपए तक।
मुख्यमंत्री ने न सिर्फ़ बजट बढ़ोतरी का ज़िक्र किया, बल्कि यह भी बताया कि उनकी सरकार ने अल्पसंख्यक के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने ऐक्यश्री स्कॉलरशिप का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने लिखा-अल्पसंख्यक स्कॉलरशिप के मामले में बंगाल देश में नंबर 1 है। अल्पसंख्यकों के विकास के लिए राज्य सरकार के पैसे से ‘ऐक्यश्री’ स्कॉलरशिप शुरू की गई है। 2011 से अब तक लगभग 10,208 करोड़ रुपए की लागत से 4 करोड़ 85 लाख अल्पसंख्यक स्कॉलरशिप दी गई हैं।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के अलावा, पश्चिम बंगाल सरकार सिर्फ़ माइनॉरिटी स्टूडेंट्स के लिए अलग से स्टूडेंट लोन देती है। मुख्यमंत्री ने लिखा-अल्पसंख्यक छात्रों को देश के अंदर या बाहर उच्च शिक्षा के लिए 30 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन दिया जा रहा है। पिछले 15 सालों में, लगभग 40,000 अल्पसंख्यक छात्रों को लगभग 327 करोड़ रुपये का एजुकेशन लोन दिया गया है। ममता ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक युवाओं और सेल्फ-हेल्प ग्रुप के सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 16,31,000 लाभार्थियों को 3,926 करोड़ रुपये के लोन दिए गए हैं। आगे के विकास पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि एमएसडीपी प्रोजेक्ट के माध्यम से 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में लगभग 2 लाख इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए गए हैं। संकट में फंसी अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए घर बनाने के लिए प्रत्येक को 1,20,000 रुपये मंजूर किए जा रहे हैं। 14 जिलों में इंग्लिश मीडियम मॉडल मदरसे बनाए जा रहे हैं। 38 इंटीग्रेटेड इंग्लिश मीडियम स्कूल बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के पोस्ट में कहा गया है कि कई कदम उठाए गए हैं, जिसमें 14 जिलों में इंग्लिश मीडियम मदरसे, माइनॉरिटी हॉस्टल, माइनॉरिटी डेवलपमेंट बोर्ड और माइनॉरिटी स्किल डेवलपमेंट बोर्ड बनाना शामिल है।
