मंदिर में चोरी की घटना को लेकर विवाद

न्यू बैरकपुर में पंचायत सदस्य को मारी गोली  

मंदिर में चोरी की घटना को लेकर विवाद

निज संवाददाता : बैरकपुर के बाद न्यू बैरकपुर में भी गोलीबारी की घटना हुई। कथित तौर पर पंचायत सदस्यों को गोली मारी गई। हालाँकि, पंचायत सदस्य बाल-बाल बच गए। मुख्य आरोपी प्रणब बिस्वास को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। यह घटना रविवार रात न्यू बैरकपुर के दक्षिण तलबंदा इलाके में हुई। इस घटना से तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इलाके में गुस्सा फैल गया। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे।
घटना की शुरुआत एक स्थानीय काली मंदिर में चोरी की घटना से हुई। कथित तौर पर, रविवार रात उस मंदिर में चोरी की घटना हुई। स्थानीय लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। इससे काफी तनाव पैदा हो गया। आरोपी युवक का नाम राहुल मंडल है। घटना का पता चलते ही स्थानीय लोगों ने पंचायत सदस्य को इसकी सूचना दी। कथित तौर पर, उस समय आरोपी राहुल ने कई लोगों को भी बुला लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। उसी समय प्रणब बिस्वास नाम के एक युवक ने कथित तौर पर पंचायत सदस्यों पर गोलियां चला दीं।
पंचायत सदस्य बच गए क्योंकि गोलियां निशाना चूक गईं। हालाँकि, उस घटना के बाद भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आरोपी प्रणब ने उस मौके का फायदा उठाकर छिपने की कोशिश की। हालाँकि, वह बच नहीं पाया। कुछ ही घंटों में, आरोपी प्रणब को न्यू बैरकपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी प्रणब गांजा मामले में दो साल से जेल में था। पिछले मई में उसे रिहा किया गया था। इस बीच, इस घटना में प्रणब फिर से पुलिस के शिकंजे में है। लेकिन उसे बंदूक कैसे मिली? पुलिस इसकी जाँच कर रही है।यह बताना ज़रूरी है कि रविवार रात बैरकपुर के लाटबागान के पास पुलिस कमिश्नरेट के पास गोलीबारी की घटना हुई थी। आरोप है कि नशे में धुत तीन युवकों ने हवा में कई राउंड फायरिंग की। कथित तौर पर, उन्होंने यह घटना सिर्फ़ मनोरंजन के लिए की। हालाँकि पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। जैसे ही वह तनाव कम हुआ, रविवार रात न्यू बैरकपुर इलाके में भी गोलीबारी शुरू हो गई।

Tags:

About The Author

Ajay Kumar Mohta Picture

करीबन तेरह वर्ष पहले हमने अपनी यात्रा शुरू की थी। पाक्षिक के रूप में गंभीर समाचार ने तब से लेकर अब तक एक लंबा रास्ता तय किया। इस दौरान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के परिवर्तन घटित हो चुके हैं जिनका हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ा। इसी तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कई उतार-चढ़ाव आए हैं। सोशल व डिजिटल मीडिया के इस दौर में प्रिट में छपने वाले अखबारों व पत्रिकाओं पर संकट गहरा रहे हैं। बावजूद इसके हमारा मानना है कि प्रिंट मीडिया की अहमियत कम नहीं हुई है। और इसी विश्वास के साथ हमने अपनी निरंतरता जारी रखी है। अब हम फिर से नए कलेवर व मिजाज के साथ आपके सामने हाजिर हुए हैं।

Advertisement

Latest News