बीजेपी नेता के अवैध संबंध को लेकर भारी हंगामा
पुलिस चौकी पर हमला, 25 लोग गिरफ्तार
निज संवाददाता : पूर्व बर्दवान जिले के गुस्करा में बीते शनिवार की रात एक अवैध संबंध के आरोपों को लेकर भारी हंगामा हुआ। आरोप है कि स्थानीय ग्रामीण गुस्करा पुलिस चौकी में घुस गए और पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के साथ मारपीट की। इस घटना में चौकी के प्रभारी अधिकारी समेत 4-5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्हें गुस्करा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना औसग्राम-1 ब्लॉक की दिगनगर-2 ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाली लक्ष्मीगंज कॉलोनी में हुई। यहां भाजपा युवा मोर्चा की महासचिव स्वप्ना बाछर और पार्टी के पांचवें 'मंडल' (डिवीजन) के अध्यक्ष विश्वजीत मजूमदार (उर्फ बिल्टू) के बीच अवैध संबंध के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शुक्रवार रात गांव में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं को उनके पार्टी पदों से हटाने की मांग की गई।
इस बीच, विश्वजीत मजूमदार ने गुस्करा पुलिस चौकी में कई ग्रामीणों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने पूछताछ और बातचीत के लिए शनिवार शाम दोनों पक्षों को चौकी पर बुलाया। आरोप है कि इसी दौरान लक्ष्मीगंज कॉलोनी के 50 से 60 ग्रामीण वहां पहुंच गए और ग्रामीणों तथा पुलिस अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। ग्रामीणों ने मांग की कि दोनों परिवार इस मामले से खुद को दूर रखें।
विवाद जल्द ही हिंसक हो गया। आरोप है कि आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और उन पर हमला किया। इस झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मी जमीन पर गिर गए और उनकी वर्दी फट गई। यह भी आरोप है कि पुलिस चौकी पर डंडों, ईंटों और लोहे की छड़ों से हमला किया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस का एक बड़ा दस्ता मौके पर पहुंचा और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने चौकी से भीड़ को हटाया और इस घटना के सिलसिले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया।
इस घटना के बाद लक्ष्मीगंज कॉलोनी और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। इस बीच, बीजेपी ने इस विवाद को लेकर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। दोनों स्थानीय नेताओं को पार्टी के पदों से हटाने की मांग भी जारी है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
