दूसर राज्यों में बांग्लाभाषियों को परेशान करने के खिलाफ सड़क पर उतरीं ममता
केंद्र क खिलाफ खोला मोर्चा
अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ देश के कई राज्यों में चलाए जा रहे अभियान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी आमने-सामने आ गई है। बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी बारिश के बीच कोलकाता की सड़कों पर उतरीं और विरोध जुलूस का नेतृत्व किया।
निज संवाददाता : अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ देश के कई राज्यों में चलाए जा रहे अभियान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी आमने-सामने आ गई है। बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी बारिश के बीच कोलकाता की सड़कों पर उतरीं और विरोध जुलूस का नेतृत्व किया। रैली में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में बांग्ला बोलने वालों को जान-बूझकर परेशान किया जा रहा है। जुलूस में डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी समेत पार्टी के बड़े नेता शामिल हुए।
विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला है। टीएमसी 21 जुलाई को होने वाली अपनी शहीद दिवस रैली से पहले बड़े पैमाने पर सार्वजनिक प्रदर्शनों से बचती है, मगर बुधवार को पार्टी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया। खुद ममता बनर्जी ने बारिश के बीच कोलकाता में जुलूस निकाला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में बांग्ला बोलने वाले लोगों को सोची-समझी रणनीति के तहत हिरासत में लिया जा रहा है।
टीएमसी का आरोप है कि भाषाई पहचान के आधार पर बांग्ला बोलने वालों को अवैध आप्रवासी बताने की कोशिश की जा रही है। ओडिशा में प्रवासी मजदूरों को हिरासत में लिया गया और दिल्ली में बांग्ला बोलने वाले लोगों को बेदखल किया गया। बीजेपी के शासन वाले राज्यों में बांग्लादेशी बताकर बंगालियों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेने का एक बढ़ता हुआ पैटर्न शुरू हुआ है। जुलूस के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी बंगाली भाषियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाएगी। टीएमसी किसी भी कीमत पर लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगी।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाएगी। इस कार्यक्रम में तृणमूल के नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे पर पूरे देश में जागरूकता फैलाएंगे। पार्टी ने यह भी घोषणा की कि वह इस मुद्दे पर एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। बता दें कि पिछले दिनों असम, ओडिशा, दिल्ली और राजस्थान में भी अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान शुरु किया गया है। बीजेपी नेताओं ने इस अभियान को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। जब राजस्थान में बंगाली मजदूरों को हिरासत में लिया गया था तब ममता बनर्जी ने पूरे मामले में पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी।
