शपथपत्र पर साइन करें राहुल - चुनाव आयोग

वोट चोरी वाले आरोप पर चुनाव आयोग ने दिखाई सख्ती

शपथपत्र पर साइन करें राहुल - चुनाव आयोग

नयी दिल्ली : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगातार वोट चोरी का आरोप लगाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है| राहुल गांधी हर प्लेटफॉर्म पर चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं| वहीं, अब राहुल गांधी के इस आरोप को लेकर चुनाव आयोग के सूत्रों ने भी जोरदार पलटवार किया है| चुनाव आयोग के सूत्र ने कहा है कि अगर राहुल गांधी अपने विश्लेषण पर विश्वास करते हैं और मानते हैं कि चुनाव आयोग पर उनके आरोप सही हैं, तो उन्हें शपथपत्र पर हस्ताक्षर करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए| चुनाव आयोग के सूत्र ने कहा कि अगर राहुल गांधी शपथपत्र पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, तो इसका मतलब होगा कि उन्हें अपने विश्लेषण, उसके निष्कर्षों और बेतुके आरोपों पर विश्वास नहीं है| ऐसी स्थिति में, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए| इसलिए, उनके पास दो विकल्प हैं,या तो शपथपत्र पर हस्ताक्षर करें या चुनाव आयोग पर बेतुके आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगें| वहीं, चुनाव आयोग के मुताबिक, 1 अगस्त को बिहार मतदाता सूची के मसौदे के प्रकाशन के बाद से किसी भी राजनीतिक दल ने नाम जोड़ने या हटाने के अनुरोध के साथ आयोग से संपर्क नहीं किया है| ऐसे में चुनाव आयोग पर किसी तरह का गंभीर आरोप लगाना सही नहीं है|
राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग पर लगा रहे आरोप
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी सिर्फ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है| देश के गुनहगार सुन लें - वक्त बदलेगा, सजा जरूर मिलेगी| वहीं, राहुल गांधी नेअपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में एसआईआर को इसलिए लाया गया है क्योंकि चुनाव आयोग जानता है कि हमने उनकी चोरी पकड़ ली है| उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा चुनावों की चोरी के लिए मिलीभगत कर रहे हैं|

Tags:

About The Author

Ajay Kumar Mohta Picture

करीबन तेरह वर्ष पहले हमने अपनी यात्रा शुरू की थी। पाक्षिक के रूप में गंभीर समाचार ने तब से लेकर अब तक एक लंबा रास्ता तय किया। इस दौरान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के परिवर्तन घटित हो चुके हैं जिनका हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ा। इसी तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कई उतार-चढ़ाव आए हैं। सोशल व डिजिटल मीडिया के इस दौर में प्रिट में छपने वाले अखबारों व पत्रिकाओं पर संकट गहरा रहे हैं। बावजूद इसके हमारा मानना है कि प्रिंट मीडिया की अहमियत कम नहीं हुई है। और इसी विश्वास के साथ हमने अपनी निरंतरता जारी रखी है। अब हम फिर से नए कलेवर व मिजाज के साथ आपके सामने हाजिर हुए हैं।

Advertisement

Latest News