एसआईआर’ की कथित दहशत के चलते शेवड़ाफुली की यौनकर्मी ने की आत्महत्या
2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं
निज संवाददाता : एसआईआर की दहशत ने राज्य में आत्महत्या के आरोपों को फिर हवा दे दी है। शुक्रवार सुबह हुगली के शेवड़ाफुली में एक सेक्स वर्कर (यौनकर्मी) का लटकता हुआ शव बरामद हुआ। श्रीरामपुर संगठनात्मक ज़िला तृणमूल के अध्यक्ष ने दावा किया कि मृतका का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं था। इसीलिए वह दहशत में थी। कथित तौर पर, निर्वासित होने के डर से यह चरम फैसला लिया गया। हालांकि भाजपा इस आरोप को मानने से कतरा रही है।
पता चला है कि मृतका का नाम बिटी दास है। उम्र 49 वर्ष। वह शेवड़ाफुली स्टेशन के पास गरबागान यौन बस्ती की रहने वाली थी। शुक्रवार सुबह उसका लटका हुआ शव उसके घर से बरामद हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सूचना मिलने पर चापदानी विधायक और हुगली श्रीरामपुर सांगठनिक जिला तृणमूल अध्यक्ष अरिंदम गुइन, बैद्यबाटी नगर पालिका अध्यक्ष पिंटू महतो और स्थानीय पार्षद मौके पर गए। अरिंदम गुइन का दावा है कि बिटी का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं था। नतीजतन, वह निर्वासित होने से चिंतित थी। इसीलिए यह फैसला लिया गया।
भाजपा नेता हरि मिश्रा ने कहा कि पारिवारिक कलह के कारण मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस भी एसआईआर को पारिवारिक कलह के कारण हुई मौत से जोड़ रही है। पुलिस ने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है।
