एसआईआर के तहत घर-घर पहुंच रहे चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक
सोनागाछी में भी लगाया गया कैंप
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निज संवाददाता : वोटर लिस्ट में 'भूत' ढूंढने के लिए चुनाव आयोग के विशेष ऑब्ज़र्वर अब घर-घर पहुंच रहे हैं। चुनाव आयोग ने बंगाल में एसआईआर के काम के लिए पहले ही कई अधिकारियों को बंगाल भेजा है। पांच और स्पेशल ऑब्ज़र्वर आ रहे हैं। खबरों के मुताबिक, वे एसआईआर का काम पूरा होने तक बंगाल में ही रहेंगे। क्या चुनाव आयोग के कड़े सिस्टम के बावजूद लिस्ट में 'भूत' रह गए हैं? इसे कन्फर्म करने के लिए आयोग के स्पेशल ऑब्ज़र्वर सी मुरुगन ने मंगलवार को तोपसिया में कई वोटरों के घर का दौरा किया। इसका मकसद एसआईआर प्रोसेस को और पारदर्शी बनाना है।
बीएलओ पहले ही वोटरों के एन्यूमरेशन फॉर्म समेत जानकारी को वेरिफाई (पुष्टि) करने के लिए घर-घर जा चुके हैं। पता चला है कि इस दिन स्पेशल ऑब्ज़र्वर मोरुगन बीएलओ के साथ तोपसिया में वोटरों के घर गए। उन्होंने खुद एन्यूमरेशन में दी गई जानकारी को चेक किया। इतना ही नहीं, उन्होंने वोटरों के बारे में सारी जानकारी भी चेक की।
दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने सेक्स वर्कर्स की सुविधा के लिए सोनागाछी में एक स्पेशल कैंप खोला। जब से एसआईआर प्रोसेस की घोषणा हुई है, सोनागाछी के लोग परेशान हैं। बेघर महिलाओं को अपना पुश्तैनी पहचान पत्र एपिक नंबर कहां से मिलेगा? सेक्स वर्कर्स और उनके बच्चों के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था दुर्बार महिला समन्वय समिति ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर इस गंभीर समस्या की जानकारी दी। आयोग ने इसका जवाब दिया। बताया गया कि यहां के लोगों को ध्यान में रखते हुए एक स्पेशल कैंप खोला जाएगा।
कैंप मंगलवार को खोला गया। राज्य के मुख्य चुनाव आधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल सुबह कैंप में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने वहां के लोगों के साथ रहने का संदेश दिया और कहा कि वह उनके साथ रहेंगे। मनोज अग्रवाल ने यह भी भरोसा दिलाया कि किसी का नाम नहीं छूटेगा। दूसरी तरफ, आयोग के सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में अनाथालयों में भी एसआईआर से जुड़े स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे।
