जल्द शुरू करें 100 दिन का काम’
हाईकोर्ट ने केंद्र को दिया साफ निर्देश
‘निज संवाददाता : कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल में 100 दिन का काम जल्द शुरू करने का आदेश दिया है। यह सख्त आदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल की खंडपीठ ने जारी किया। कोर्ट ने बकाया राशि के संबंध में हलफनामों का आदान-प्रदान करने के लिए एक महीने का समय दिया है। इसके बाद कोर्ट ने मोदी सरकार का रुख बदल दिया। केंद्र के वकील ने कहा कि काम शुरू करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने जून में केंद्र को राज्य में रुकी हुई 100 दिन की परियोजना शुरू करने का आदेश दिया था। कलकत्ता हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश टी. एस. शिवज्ञानम ने टिप्पणी की थी कि किसी भी केंद्रीय परियोजना को हमेशा के लिए ठंडे बस्ते में नहीं डाला जा सकता। केंद्र ने इस फैसले का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ के समक्ष दायर किया गया था। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने 100 दिन का पैसा देने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। उस संबंध में मामले की सुनवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय में हुई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उस सुनवाई में केंद्र को सख्त आदेश दिए थे। केंद्र ने यह भी कहा कि उन्हें काम शुरू करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों से बंगाल को महात्मा गांधी ग्रामीण कर्म योजना के तहत दैनिक मजदूरी के पैसे नहीं मिल रहे हैं। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस कई बार इस बारे में मुखर रही है। तृणमूल ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया है और आरोप लगाया है कि श्रमिकों को उनके बकाए से वंचित किया जा रहा है। तृणमूल के जनप्रतिनिधियों ने दिल्ली की अदालत में भी जाकर अपनी मांगें रखी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर बकाया राशि का भुगतान करने का अनुरोध किया था। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश से समस्या का समाधान होने जा रहा है।
