इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 2,388 जानलेवा निर्माण

 इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 2,388 जानलेवा निर्माण

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर शहरों में बिजली की लाइनों के नीचे कई अवैध निर्माण हो गए हैं। एमपी ट्रांसको ने ऐसे 2,388 निर्माणों की पहचान की है। ये निर्माण 132 केवी और 220 केवी की लाइनों के पास हैं, जिनसे खतरा है।

भोपाल: कंपनी अब स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर इन अवैध निर्माणों को हटाने की योजना बना रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और बिजली की सप्लाई में कोई रुकावट न आए।

'घरेलू वोल्टेज जानलेवा है तो इसकी कल्पना करिए'
एमपी ट्रांसको के अनुसार, ये निर्माण खतरनाक क्षेत्र में हैं। इन लाइनों में घरों में आने वाली बिजली से 600 से 950 गुना ज्यादा वोल्टेज होता है। एक अधिकारी ने कहा, 'अगर 230 वोल्ट जानलेवा हो सकता है, तो सोचिए 132 केवी या 220 केवी  लाइनों के नीचे रहने या काम करने में कितना खतरा है। मतलब, थोड़ी सी लापरवाही भी जान पर भारी पड़ सकती है। 
तीन दिन में 648 नोटिस
जबलपुर में पोलिपथर, न्यू शास्त्री नगर, अधारताल और जसुजा सिटी जैसे इलाकों में ईएचटी  लाइनों के नीचे बहुत सारे अतिक्रमण हुए हैं। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अजय पाल सिंह चौहान ने बताया कि पिछले तीन सालों में 648 नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने कहा, '2022, 2023 और अक्टूबर 2024 में चेतावनी देने के बाद भी निर्माण नहीं रुका। अब हम जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं।'
भोपाल में 848 नोटिस हुए जारी
भोपाल में 132 केवी बैरागढ़-लालघाटी, 132केवी आईटी पार्क और अमरावत खुर्द लाइनों के पास खतरनाक निर्माण हो गए हैं। करोंद, रतनपुरा, देवकीनगर और गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया जैसे इलाकों में भी अवैध निर्माण देखे गए हैं। यहां कुल 848 नोटिस जारी किए गए हैं।
इंदौर में जारी हुए 892 नोटिस
इंदौर में 220 kV इंदौर-जेटपुरा और कई 132  केवी लाइनों के पास निर्माण होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, यहां लगभग 892 नोटिस दिए गए हैं। हाल ही में भोपाल और इंदौर में बिजली के झटके लगने से कुछ लोगों की जान चली गई। जबलपुर में एक डंप ट्रक EHT लाइनों से टकरा गया, जिससे बिजली गुल हो गई। इन घटनाओं से पता चलता है कि खतरा कितना गंभीर है।

कई बार चलाए गए अभियान
अमपी ट्रांसको ने कई बार जागरूकता अभियान चलाए हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण अभी भी जारी है। कंपनी अब सख्ती से कार्रवाई करेगी और अवैध निर्माणों को तोड़ेगी, ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके और बिजली की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे।

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