मध्यप्रदेश के 8 शहरों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में विभिन्न श्रेणियों में मिला सम्मान

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में किया सम्मानित

मध्यप्रदेश के 8 शहरों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में विभिन्न श्रेणियों में मिला सम्मान

भोपाल : नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के तहत स्वच्छता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश के आठ शहरों को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार देशभर में शहरी स्वच्छता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इन पुरस्कारों को प्रदान किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और राज्य मंत्री श्री तोखन साहू की उपस्थिति रही। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने पुरस्कार ग्रहण किए। समारोह में सम्मानित शहरों के महापौर, नगर निगम आयुक्त और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

इंदौर की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि

स्वच्छता में लगातार शीर्ष स्थान पर रहने वाले इंदौर ने एक बार फिर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है। इंदौर को "10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों" की श्रेणी में ‘स्वच्छ लीग अवार्ड’ में सर्वश्रेष्ठ शहर का खिताब मिला है। यह शहर पिछले कई वर्षों से स्वच्छता में अव्वल बना हुआ है, और इस वर्ष भी इसने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि स्वच्छता के क्षेत्र में उसका कोई सानी नहीं।

उज्जैन, बुधनी और भोपाल ने भी दिखाई दमदार मौजूदगी

इंदौर के बाद उज्जैन ने भी स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उसे 3 से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शहर का पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार उज्जैन की जनभागीदारी और नगर निगम की समर्पित कार्यशैली का प्रमाण है।

इसी तरह, 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बुधनी को सर्वश्रेष्ठ शहर घोषित किया गया। यह सम्मान यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश के छोटे शहर भी स्वच्छता के क्षेत्र में बड़े उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। वहीं, राजधानी भोपाल को 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। यह भोपाल की निरंतर प्रगति और स्वच्छता को लेकर उसकी गंभीरता का परिचायक है।

अन्य शहरों की शानदार उपलब्धियां

भोपाल के अलावा, 50 हजार से 3 लाख जनसंख्या वाले शहरों में देवास ने पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शाहगंज ने तीसरा स्थान हासिल किया है। सफाई मित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में जबलपुर को सम्मानित किया गया है, जिससे यह जाहिर होता है कि शहर न केवल साफ-सफाई बल्कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति भी गंभीर है। ग्वालियर को “प्रोमिसिंग स्वच्छ शहर” की श्रेणी में सम्मान मिला है, जो आने वाले समय में शहर के स्वच्छता के और ऊंचे स्तर पर पहुंचने की उम्मीदों को बल देता है।

स्वच्छता में प्रदेश की स्थिति और आंकड़े

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के परिणामों में मध्यप्रदेश के कई शहरों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई है। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में भोपाल को दूसरा, जबलपुर को 5वां और ग्वालियर को 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, प्रदेश के 203 शहरों को स्टार रेटिंग प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है, जो कि पिछले वर्ष के 157 शहरों की तुलना में 12% की वृद्धि दर्शाता है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर को 7 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है, जो स्वच्छता के उच्चतम मानकों का प्रतीक है, तो देवास, रीवा और सतना को 5 स्टार और 36 शहरों को 3 स्टार तथा 161 शहरों को 1 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है।

प्रशासन की भूमिका और भविष्य की रणनीति

इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने राज्य के सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इन उपलब्धियों के पीछे सफाई मित्रों की अथक मेहनत और समर्पण है। श्री भोंडवे ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छता के हर मानक पर उच्चतम श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाएगा। 

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में मध्यप्रदेश के शहरों की शानदार सफलता न केवल पूरे देश में प्रदेश की साख को बढ़ाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि जनभागीदारी, प्रशासनिक दृढ़ता और निरंतर प्रयासों से स्वच्छता जैसे क्षेत्र में भी बड़े परिवर्तन संभव हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, देवास, जबलपुर, ग्वालियर, बुधनी और शाहगंज जैसे शहर देश के बाकी हिस्सों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।

मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि न केवल स्वच्छता मिशन की सफलता की कहानी है, बल्कि यह नागरिक जागरूकता, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। आने वाले वर्षों में प्रदेश की अन्य नगरपालिकाएं भी इस स्वच्छता यात्रा में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी, यही आशा और लक्ष्य है।

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