काले हिरण और नीलगाय का शिकार करने वाला शिकारी गिरफ्तार
होटलों और पार्टियों में करता था मांस की सप्लाई
राजधानी भोपाल की टीला जमालपुरा थाना पुलिस ने एक ऐसे शिकाऱी को गिरफ्तार किया है,
भोपाल : राजधानी भोपाल की टीला जमालपुरा थाना पुलिस ने एक ऐसे शिकाऱी को गिरफ्तार किया है, जो भोपाल और आसपास के जिलों में काले हिरण और नीलगाय का शिकार कर उनके मांस को शादी-पार्टियों और आयोजनों में सप्लाई करता था। आरोप है कि आरोपी गिरोह के साथ मिलकर पुराने भोपाल के कुछ चुनिंदा होटलों में भी अवैध रूप से जंगली जानवरों का गोश्त बेच चुका है, हालांकि इन होटलों का खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
पुलिस ने वन विभाग द्वारा फरार घोषित तीन शिकारियों में से एक जफर बेग उर्फ धार को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से धारदार छुरी और .315 बोर की देशी राइफल बरामद की गई है। आशंका है कि यही हथियार शिकार में इस्तेमाल होते थे।
टीला जमालपुरा थाना प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि काले हिरण और नीलगाय के शिकार मामले में आरोपी जफर बेग की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पुतलीघर के पास से पकड़ लिया। पुलिस ने मामले की सूचना वन विभाग को भी दे दी है और अब वन विभाग भी आरोपी से पूछताछ करेगा।
भोपाल वन मंडल पहले ही भोपाल पुलिस को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत फरार तस्कर फईम बेग उर्फ बम, जफर बेग उर्फ धार और यूसुफ उर्फ चिकना सहित अन्य तस्करों के बारे में सूचना दे चुका था। इसके बाद से इनकी तलाश जारी थी। फिलहाल जफर बेग गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश अभी भी की जा रही है।
फईम बम के घर से मिला था मांस
टीआई सिंह ने बताया कि इस साल 11 जुलाई को वन विभाग ने कुख्यात बदमाश फईम बम के घर छापा मारकर जंगली जानवर का मांस जब्त किया था। जांच में पुष्टि हुई थी कि यह मांस काले हिरण का था। इसके बाद फईम के बेटे हुज़ैफा शेख को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में हुज़ैफा ने अपने साथियों जफर बेग और यूसुफ चिकना का नाम उजागर किया। तभी से पुलिस और वन विभाग इन बदमाशों की तलाश में जुटे हुए थे। पुलिस ने अब जफर बेग को पकड़कर वन विभाग के हवाले कर दिया है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह शादी-पार्टियों और अन्य बड़े आयोजनों के लिए जंगली जानवरों का अवैध मांस सप्लाई करता था। उसने राजगढ़, सीहोर, रायसेन, सागर और चिड़ीखो के जंगलों में शिकार करने की बात कबूल की। गिरफ्तारी के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि शिकार और तस्करी में सफेद रंग की दो स्कॉर्पियो कारों का उपयोग किया जाता था। पुलिस ने इन वाहनों की तलाश शुरू कर दी है।
