स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित : उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को सहजता से जन-जन तक पहुँचाने, अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने और चिकित्सा शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है।
भोपाल : उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को सहजता से जन-जन तक पहुँचाने, अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने और चिकित्सा शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) का सशक्तिकरण कर समीपवर्ती क्षेत्रों में ही उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य हो रहा है। इससे जिला अस्पतालों पर दबाव कम होगा और नागरिकों को सहजता से उपचार मिल सकेगा। साथ ही चिकित्सा कर्मियों की संख्या एवं क्षमता में वृद्धि, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान और मातृभाषा हिंदी में एमबीबीएस शिक्षा जैसी पहलें प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
एमएमआर और आईएमआर को कम करने की दिशा में प्रयास
भोपाल में निजी मीडिया चैनल द्वारा आयोजित इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव के स्वस्थ मध्यप्रदेश सत्र में चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों तक लाना है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश ने इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। मातृ मृत्यु दर 175 से घटकर 156 पर आ गई है, जबकि सरकार का लक्ष्य इसे 80 तक लाना है। इसी प्रकार शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को 20 तक लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
शुक्ल ने कहा कि एचआरपी चिन्हांकन, नियमित जांच, मातृ-शिशु संजीवन मिशन और अनमोल पोर्टल के कुशल उपयोग जैसे समेकित प्रयास इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होंगे। इन पहलों से प्रसव पूर्व और प्रसव उपरांत देखभाल को बेहतर बनाया जा सकेगा, जिससे माताओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
आयुष्मान भारत योजना और चिकित्सा शिक्षा में सुधार
आयुष्मान भारत योजना पर चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से पूरे देश में करोड़ों नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं। योजना की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है और निर्धारित मानकों का पालन न करने पर निजी अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट भी किया जा रहा है। यह कदम पारदर्शिता बनाए रखने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया है।
चिकित्सा शिक्षा में हो रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी माध्यम में एमबीबीएस की पढ़ाई से ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को अवसर मिल रहा है। साथ ही नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने और विस्तार से विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बढ़ रही है।
लक्ष्य : सेवाओं के साथ जागरूकता और सतत निगरानी
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना ही नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराना और सतत निगरानी व्यवस्था स्थापित करना भी है। यही कारण है कि प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांकों में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है।
अंत में उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे चिकित्सकों एवं संस्थाओं को सम्मानित भी किया।
