पीएम-मित्रा पार्क से निवेश, निर्यात और रोजगार को नई ऊँचाई मिलेगी : प्रमुख सचिव
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पार्क केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित होगा।
भोपाल। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पार्क केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित होगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विश्व का 24 प्रतिशत नॉन-जीएमओ ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन करता है और एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल कॉटन के लिए जाना जाता है। वर्ष 2024–25 में राज्य से 9,200 करोड़ रूपये से अधिक के टेक्सटाइल निर्यात हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश नई औद्योगिक नीति-2025 के अंतर्गत पूंजीगत अनुदान, ब्याज पर सब्सिडी और निर्यात प्रोत्साहन जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे निवेशकों को मज़बूत आधार मिलेगा। राज्य के पास 31 GW से अधिक बिजली क्षमता है, जिसमें 30% नवीकरणीय ऊर्जा है और 1,000 MCM से अधिक औद्योगिक जल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। निफ्ट भोपाल, एनआईडी भोपाल और ग्लोबल स्किल्स पार्क जैसे संस्थान पार्क को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराते रहेंगे। सिंह ने कहा कि इस परियोजना से लगभग दो लाख रोजगार सृजित होंगे और 10 हजार करोड़ रूपये से अधिक निवेश आकर्षित होगा। यह पार्क निवेश, निर्यात और रोजगार—तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को नई ऊँचाई देगा और वैश्विक टेक्सटाइल मानचित्र पर राज्य की अग्रणी स्थिति सुनिश्चित करेगा।
उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा
इंटरैक्टिव सेशन में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर के उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की गई। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन सिंह ने पीएम मित्रा पार्क धार, राज्य की नीतियों, निवेश प्रोत्साहन से अवगत कराया। वन-टू-वन चर्चा में विशेष रूप से ट्रायडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता, वर्धमान ग्रुप के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज जैन, सनातन टेक्सटाइल लिमिटेड के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अजय दत्तानी, शर्मनजी यॉर्नस प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर आशु जैन, एलएनजे भीलवाड़ा ग्रुप के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव गुप्ता, जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल जैन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स के सदस्य, अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के सदस्य तथा बीएसएल सदस्यगण जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने सक्रिय भागीदारी की और निवेश व सहयोग की संभावनाओं पर सार्थक विमर्श किया।
