जनजातीय विकास की योजनाओं का लाभ उठाएँ राज्य, केंद्र देगा पूरा सहयोग
भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय के केन्द्रीय सचिव श्री विभु नायर ने कहा है कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह जनजातीय विकास से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाए।
भोपाल : भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय के केन्द्रीय सचिव श्री विभु नायर ने कहा है कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह जनजातीय विकास से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाए। भारत सरकार हर स्तर पर राज्य को पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री जनमन योजना और आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की जानकारी भी ली।
सचिव नायर सोमवार को मंत्रालय में जनजातीय कार्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
जमीनी स्तर पर विजन से होगा विकास
श्री नायर ने कहा कि निचले स्तर पर जनजाति विकास का जो विजन तैयार होगा, उसी के आधार पर भारत सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने सेवाओं के प्रदाय में सुधार के लिए ठोस और प्रभावी प्लानिंग की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि गाँवों में मानव संसाधनों का उपयोग करते समय यह ध्यान रखा जाए कि जिन अशासकीय संगठनों की सेवाएँ ली जा रही हैं, उनकी ग्राम एवं विकासखंड स्तर पर सशक्त उपस्थिति हो। बहुउद्देशीय केंद्रों में सूचना एवं शिक्षा सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
समन्वय और बहु-विभागीय सहयोग पर बल
नायर ने कहा कि जनजातीय विकास का कार्य केवल किसी एक मंत्रालय या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए फीडबैक सिस्टम विकसित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जनजाति बहुल गाँवों में विशेष विकास गतिविधियाँ नई जिम्मेदारी के साथ लागू की जाएंगी।
स्वास्थ्य और वन-धन केंद्रों पर चर्चा
सचिव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के फेरों को बढ़ाया जा सकता है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएँ अधिकतम लोगों तक पहुँचें। उन्होंने वन धन विकास केंद्र द्वारा तैयार बिजनेस प्लान पर चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा।
स्वदेश दर्शन और कौशल विकास केंद्र
धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए नायर ने कहा कि “स्वदेश दर्शन” की अवधारणा को देश में मध्यप्रदेश की पहल के आधार पर लागू किया गया है।
उन्होंने सुझाव दिया कि ब्लॉक स्तर पर ट्राइबल स्किल सेंटर स्थापित किए जा सकते हैं, जिससे जनजातीय युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना की कई उप-योजनाओं में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। सभी लक्ष्यों को विभागों को आगामी दिसंबर तक पूरा करना चाहिए।
ग्राम सभाओं का केंद्र होगा जनजातीय विकास
प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा ने जनजातीय विकास संबंधी कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आगामी 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की अनिवार्य बैठकें जनजातीय विकास कार्यों पर केंद्रित रहेंगी।
बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में आयुक्त जनजाति कार्य श्री श्रीमन शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।
