भस्म आरती में अब वीवीआईपी को नहीं मिलेगी प्राथमिकता

पहले से तय होगा बैठने का स्थान

भस्म आरती में अब वीवीआईपी को नहीं मिलेगी प्राथमिकता

नई प्रणाली ‘प्रथम आओ, प्रथम पाओ’ के आधार पर लागू होगी

उज्जैन : धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब भक्तों को आरती बुकिंग के साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि उन्हें किस मंडप में और किस स्थान पर बैठना है। नई व्यवस्था प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर लागू की जाएगी।

अभी तक स्पष्ट बैठने की व्यवस्था न होने के कारण अक्सर धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बन जाती थी। प्रशासन का दावा है कि इस नई प्रणाली से न केवल विवादों पर रोक लगेगी, बल्कि यह धारणा भी टूटेगी कि भस्म आरती में हमेशा वीवीआईपी को ही आगे बैठाया जाता है।

भस्म आरती में बैठने की नई व्यवस्था

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के 4 बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती होती है। मंदिर समिति प्रतिदिन लगभग 1,700 भक्तों को आरती दर्शन की अनुमति देती है और उन्हें नंदी, गणेश व कार्तिकेय मंडपम में बैठाया जाता है। अभी तक भक्तों को यह जानकारी नहीं होती थी कि उन्हें कहाँ बैठाया जाएगा, जिससे भ्रम और विवाद की स्थिति बन जाती थी।

उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन बुकिंग के साथ ही श्रद्धालुओं को उनका निर्धारित स्थान मिल जाएगा। समिति इस तकनीकी व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रही है। साथ ही मंदिर में अन्य तकनीकी नवाचार भी किए जा रहे हैं।

पहले आवेदन करने वालों को मिलेगी अग्रिम पंक्ति

नई प्रणाली के अनुसार, जो श्रद्धालु पहले आवेदन करेंगे उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान मिलेगा। बाद में आवेदन करने वालों को क्रमवार सीटिंग दी जाएगी। इससे मंदिर में होने वाली धक्का-मुक्की और आगे बैठने को लेकर होने वाले विवादों की समस्या खत्म होगी।

नहीं टूटेगी भक्तों की आस्था, टूटेगा भ्रम

अक्सर यह धारणा बन गई थी कि भस्म आरती में सबसे आगे केवल वीवीआईपी को ही स्थान मिलता है। नई व्यवस्था इस मिथक को पूरी तरह तोड़ देगी और सभी भक्तों को बराबरी के आधार पर स्थान आवंटित होगा।

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