बीमारी से परेशान पिता बना हैवान, तीन साल के बेटे की हत्या कर मुसी नदी में फेंका, CCTV से खुला राज
हैदराबाद के बंडलागुड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक पिता, जिसे अपने बच्चे का रक्षक होना चाहिए था, वही अपने तीन साल के मासूम बेटे का काल बन गया और बेरहमी से हत्या कर दी.
हैदराबाद के बंडलागुड़ा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। जिस पिता का कर्तव्य अपने बच्चे की रक्षा करना था, वही अपने तीन साल के मासूम बेटे की मौत का जिम्मेदार बन गया। 35 वर्षीय मोहम्मद अकबर ने अपने छोटे बेटे मोहम्मद अनस की हत्या कर उसका शव मुसी नदी में फेंक दिया। यह घटना केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा का कारण बनी है।
परिवार और परिस्थितियां
अकबर अपनी पत्नी समा बेगम और दो बेटों के साथ सूरनगर, बंडलागुड़ा में रहता था। अकबर सब्जियों का व्यापार करता था जबकि समा निलोफर अस्पताल में केयरटेकर के रूप में काम करती थी। उनका छोटा बेटा अनस काफी समय से बीमार था और उसके इलाज का खर्च परिवार पर भारी पड़ रहा था। लगातार आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव के कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर बेटे की बीमारी और इलाज को लेकर विवाद होता रहता था।
वारदात की रात
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार (12 सितंबर 2025) की रात जब समा अपनी ड्यूटी पर गई थी, तभी अकबर ने बेटे को मारने की योजना बनाई। शनिवार (13 सितंबर) की सुबह करीब 3 बजे, उसने मासूम अनस के चेहरे पर तकिया रखकर उसकी जान ले ली। इसके बाद, अकबर ने बच्चे के शव को एक बोरे में भरकर नायपुल ब्रिज के पास जाकर मुसी नदी में फेंक दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि उसने सुबह ऐसा दिखावा किया जैसे कुछ हुआ ही न हो और सब्जी बेचने निकला हो। बाद में अकबर खुद ही पुलिस स्टेशन पहुंचा और झूठी शिकायत दी कि उसका बेटा लापता हो गया है।
खुलासा और गिरफ्तारी
पुलिस ने जब जांच शुरू की और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो सच सामने आ गया। फुटेज में अकबर तड़के बोरे के साथ जाता हुआ साफ दिखा। इसके बाद पुलिस ने जब कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपराध कबूल कर लिया। हालांकि, नदी में तेज बहाव की वजह से मासूम का शव बरामद नहीं हो पाया।
इस जघन्य कृत्य ने पूरे इलाके में आक्रोश और दुःख की लहर पैदा कर दी है। पुलिस ने आरोपी अकबर को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
