मध्यप्रदेश बना ट्रेसेबल टेक्सटाइल का हब

कपास से कपड़े तक : 

मध्यप्रदेश बना ट्रेसेबल टेक्सटाइल का हब

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दौरान वैश्विक निवेश संवाद में बड़ा संदेश

IMG-20250717-WA0030मध्यप्रदेश एक बार फिर अपने औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। कपड़ा उद्योग में अपनी गहरी जड़ों और हरित उत्पादन क्षमताओं के बल पर राज्य अब वैश्विक मानचित्र पर “ट्रेसेबल टेक्सटाइल हब” के रूप में उभरने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा इसी रणनीति का अहम हिस्सा है। इस यात्रा के दूसरे दिन स्पेन के गैलिसिया स्थित इंडिटेक्स (Inditex) मुख्यालय में आयोजित बैठक में मध्यप्रदेश को एक “हरित, लागत-प्रतिस्पर्धी और ट्रेसिबल उत्पादन केंद्र” के रूप में प्रस्तुत किया गया।

इंडिटेक्स के साथ संभावनाओं पर चर्चा...

इंडिटेक्स, जो ज़ारा, मैसिमो दुत्ती, बेरशका, बुल एंड बीयर जैसे प्रतिष्ठित फैशन ब्रांड्स की मूल कंपनी है, अपने टिकाऊ फैशन मॉडल और ट्रेसिबल सप्लाई चेन के लिए विश्वप्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिटेक्स के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में व्यापारिक साझेदारी, सतत निवेश और संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने इस दौरान स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश सरकार टेक्सटाइल सेक्टर में वैश्विक साझेदारियों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इंडिटेक्स जैसी कंपनियों की उपस्थिति राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और हरित उत्पादन के तीनों प्रमुख स्तंभों को मजबूती प्रदान करेगी।

मध्यप्रदेश : कपास उत्पादन का प्रमुख केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी दी कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख कच्चा कपास उत्पादक राज्यों में अग्रणी स्थान रखता है। यहाँ प्रति वर्ष लगभग 18 लाख बेल्स, अर्थात 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे कपास का उत्पादन होता है। राज्य में कपड़ा उद्योग के लिए पहले से ही मजबूत आधार मौजूद है जिसमें 15 से अधिक टेक्सटाइल क्लस्टर कार्यरत हैं। इंदौर, मंदसौर, बुरहानपुर, उज्जैन और नीमच जैसे शहर कपड़ा निर्माण और व्यापार में अग्रणी हैं। यह भूगोलिक और औद्योगिक अधोसंरचना, राज्य को वैश्विक निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक बनाती है।

पीएम मित्रा पार्क : वैश्विक ब्रांडों के लिए सुनहरा अवसर

भारत सरकार की पीएम मित्रा (PM MITRA) योजना के अंतर्गत धार जिले में विकसित किया जा रहा टेक्सटाइल मेगा पार्क, मध्यप्रदेश की इस दिशा में सबसे बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे इंडिटेक्स जैसे ब्रांडों के लिए एक "सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग हब" के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस मेगा पार्क में इंडिटेक्स गारमेंटिंग यूनिट स्थापित करे, जिससे कंपनी को एक संगठित, हरित और ट्रेसेबल सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म मिलेगा, वहीं राज्य को वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

ऑर्गेनिक कॉटन में नेतृत्वकारी भूमिका

मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में भी देश का अग्रणी राज्य है। निमाड़ और मालवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ऑर्गेनिक कॉटन की खेती की जाती है। यहाँ के किसान GOTS (Global Organic Textile Standard) प्रमाणित हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सस्टेनेबिलिटी मानकों पर खरे उतरते हैं। मुख्यमंत्री ने इंडिटेक्स को राज्य में फार्मर-टू-फैब्रिक वैल्यू चेन का हिस्सा बनने का प्रस्ताव दिया और एक संयुक्त “ऑर्गेनिक कॉटन ट्रेसिंग प्लेटफॉर्म” स्थापित करने का सुझाव रखा। इससे न केवल किसान सीधे वैश्विक ब्रांड से जुड़ेंगे, बल्कि पारदर्शिता और गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी होगी।

ईएसजी मानकों के अनुरूप राज्य की नीति

डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ESG मूल्यों को अपनाने और लागू करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। राज्य में वॉटर रिसायक्लिंग, अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) और सम्मानजनक कार्य मानक (डीसेंट वर्क स्टैंडर्ड्स) जैसी व्यवस्थाएं पहले से मौजूद हैं। इंडिटेक्स की जिम्मेदार सोर्सिंग नीतियाँ राज्य की ESG नीतियों के साथ पूरी तरह मेल खाती हैं, जिससे साझेदारी के लिए एक मजबूत आधार तैयार होता है।

निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

वर्तमान में मध्यप्रदेश से टेक्सटाइल और गारमेंट्स का वार्षिक निर्यात 7,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें प्रमुख निर्यात गंतव्य यूरोपीय संघ है। मुख्यमंत्री ने अनुमान जताया कि इंडिटेक्स जैसी कंपनियों की साझेदारी से यह आंकड़ा 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह न केवल राज्य के विदेशी मुद्रा भंडार को समृद्ध करेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, विशेष रूप से महिलाओं के लिए, नए अवसरों के द्वार भी खोलेगा।

नवीन औद्योगिक एवं निर्यात नीति - 2025 बनी निवेशकों के लिए लाभकारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक एवं निर्यात नीति – 2025 की प्रमुख विशेषताओं को भी साझा किया, जिसमें निवेशकों को कई आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं:

• भूमि पर 90% तक सब्सिडी

• मशीनरी पर 40% पूंजी सहायता

• ग्रीन टेक्नोलॉजी पर 50% सहायता

• ऋण पर ब्याज सब्सिडी

इस नीति का उद्देश्य है टेक्सटाइल, गारमेंटिंग और विशेषकर MSME क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और उन्हें स्थायीत्व की दिशा में अग्रसर करना।

सप्लाई चेन एंकर और MSME वेंडर विकास का प्रस्ताव

मुख्यमत्री डॉ. यादव ने इंडिटेक्स को पीएम मित्रा पार्क में “सप्लाई चेन एंकर” के रूप में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ईएसजी-सर्टिफाइड MSME इकाइयों के साथ एक विशेष वेंडर डेवेलपमेंट प्रोग्राम प्रारंभ करने का भी सुझाव दिया, जिससे गुणवत्ता, समयबद्ध आपूर्ति और लागत दक्षता सुनिश्चित की जा सके।

डॉ. यादव की यह पहल न केवल मध्यप्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य को पुनर्परिभाषित करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में सशक्त भागीदार बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी। ट्रेसेबल, टिकाऊ और लागत-कुशल उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश अब सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि वैश्विक फैशन इंडस्ट्री के लिए एक रणनीतिक हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। इंडिटेक्स जैसी कंपनियों के साथ यह साझेदारी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक, पर्यावरणीय और तकनीकी प्रगति की भी प्रतीक बनेगी।

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