अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस आज
जानिए 8 सितंबर को क्यों मनाया जाता है ये दिन?
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन साक्षरता के महत्व और चुनौतियों पर विचार करने का अवसर देता है। यूनेस्को ने 1966 में इस दिन की घोषणा की थी, जो अब हर साल शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देने का प्रतीक बन गया है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस हर साल 8 सितंबर को दुनियाभर में मनाया जाता है। यह दिन हमें साक्षरता के महत्व पर सोचने, अब तक की प्रगति को समझने और अभी भी मौजूद चुनौतियों पर ध्यान देने का अवसर देता है।
8 सितंबर की तारीख का चयन ऐतिहासिक रूप से यूनेस्को के उस प्रयास से जुड़ा है, जिसमें शिक्षा को सभी का अधिकार बनाने की बात कही गई थी। आज भी इसका महत्व कम नहीं हुआ है, क्योंकि दुनिया के करोड़ों लोग अभी भी पढ़ने और लिखने की बुनियादी क्षमता से वंचित हैं।
जानिए इतिहास और शुरुआत
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस को पहली बार यूनेस्को ने अक्टूबर 1966 में अपनी 14वीं जनरल कॉन्फ्रेंस में घोषित किया था। इससे पहले 1965 में ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित विश्व शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन साक्षरता उन्मूलन की दिशा में एक अहम पड़ाव था।
क्यों चुना गया 8 सितंबर?
8 सितंबर को चुनने के पीछे खास वजह थी। 1965 का तेहरान सम्मेलन दुनिया भर के देशों को साक्षरता अभियान में एकजुट करने का ऐतिहासिक अवसर बना। इसके बाद 1966 में यूनेस्को की जनरल कॉन्फ्रेंस ने 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में घोषित कर दिया।
Related Posts
About The Author
करीबन तेरह वर्ष पहले हमने अपनी यात्रा शुरू की थी। पाक्षिक के रूप में गंभीर समाचार ने तब से लेकर अब तक एक लंबा रास्ता तय किया। इस दौरान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के परिवर्तन घटित हो चुके हैं जिनका हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ा। इसी तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कई उतार-चढ़ाव आए हैं। सोशल व डिजिटल मीडिया के इस दौर में प्रिट में छपने वाले अखबारों व पत्रिकाओं पर संकट गहरा रहे हैं। बावजूद इसके हमारा मानना है कि प्रिंट मीडिया की अहमियत कम नहीं हुई है। और इसी विश्वास के साथ हमने अपनी निरंतरता जारी रखी है। अब हम फिर से नए कलेवर व मिजाज के साथ आपके सामने हाजिर हुए हैं।
