एसटीएफ का बड़ा खुलासा

अर्पिता सरकार को ज्योति मल्होत्रा जैसी भूमिका निभाने की दी जा रही थी ट्रेनिंग

एसटीएफ का बड़ा खुलासा


निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल एसटीएफ  ने एक बड़ा खुलासा किया है। मालूम हो कि एसटीएफ ने झारखंड की 22 वर्षीय अर्पिता सरकार और संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि अर्पिता सरकार को कथित तौर पर ज्योति मल्होत्रा जैसी भूमिका निभाने के लिए हनीट्रैप और जासूसी की ट्रेनिंग दी जा रही थी। जांच एजेंसी के मुताबिक,  झारखंड की 22 वर्षीय अर्पिता सरकार को पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स हनी-ट्रैप और जासूसी अभियानों के लिए तैयार कर रहे थे। इस मामले में एसटीएफ ने अर्पिता सरकार और संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव मोहम्मद हमिम मंडल को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के मुताबिक, मोहम्मद हमिम मंडल को शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले से गिरफ्तार किया गया था। वहीं उसकी गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को शनिवार को झारखंड के साहिबगंज जिले से पकड़ा गया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, अर्पिता सरकार को सोशल मीडिया के जरिए प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाने और संवेदनशील जानकारियां जुटाने के लिए तैयार किया जा रहा था। एसटीएफ  का दावा है कि वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, राजनेताओं और उनके सहयोगियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही थी। सूत्रों के मुताबिक, उसे कथित तौर पर हनी-ट्रैप ऑपरेशन के अलावा अपहरण और हत्या जैसी आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जा रही थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि उसे भविष्य में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बनाने की योजना थी।
एसटीएफ  की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स से ऐसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क में थे, जिनमें मोबाइल नंबर की आवश्यकता नहीं होती। अधिकारियों का कहना है कि इन एप्लिकेशन में डेटा किसी एक सर्वर पर सुरक्षित नहीं रहता, जिससे इनकी निगरानी और ट्रैकिंग बेहद कठिन हो जाती है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और इस नेटवर्क से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
एसटीएफ ने खुलासा किया है कि दोनों आरोपियों ने पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को कथित रूप से हनी-ट्रैप में फंसाने, उसका अपहरण करने और परिवार से फिरौती वसूलने की साजिश भी रची थी। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पूरी योजना पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़े कथित हैंडलर्स के निर्देश पर तैयार की गई थी। पूछताछ के दौरान राणा, उज़ैर, आबिद जट्ट और हम्माद जैसे कई संदिग्ध विदेशी संपर्कों के नाम सामने आए हैं। एसटीएफ  इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा की रहने वाली अर्पिता सरकार एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता किराने की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, अर्पिता सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने की इच्छुक थीं और मॉडलिंग तथा बाइक राइडिंग से जुड़े वीडियो व तस्वीरें नियमित रूप से सोशल मीडिया पर साझा करती थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि उनकी सोशल मीडिया सक्रियता का फायदा उठाकर कथित तौर पर विदेशी हैंडलर्स ने उनसे संपर्क स्थापित किया और उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश की।
पश्चिम बंगाल एसटीएफ  का कहना है कि पूरे मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स की भूमिका क्या थी, आरोपियों ने किन माध्यमों से संपर्क बनाए रखा और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भी भर्ती की जा रही थी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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