ममता बनर्जी ने किया दावा
बंगाल में एसआईआर के कारण रोज तीन-चार लोग कर रहे हैं आत्महत्या
निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में चल रही मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर व्याप्त चिंता के कारण प्रतिदिन तीन से चार लोग आत्महत्या कर रहे हैं। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड स्थित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन मौतों की जिम्मेदारी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने कहा कि 110 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 110 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। एसआईआर की चिंता के कारण प्रतिदिन तीन से चार लोग आत्महत्या कर रहे हैं।
मालूम हो कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बंगाल के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और दावा किया कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, बोस और बी आर अंबेडकर जैसे देश के महान व्यक्तित्वों का अपमान किया जा रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत में, उन्होंने दावा किया कि राज्य में एसआईआर अभ्यास को लेकर तनाव और दहशत के कारण अब तक कम से कम 110 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी तरफ, यहां 49वें अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर अभ्यास के कारण लोगों को झेलनी पड़ रही पीड़ा पर आधारित 26 कविताओं का संकलन उनकी 162वीं पुस्तक इसी मेले में प्रकाशित होगी।
ममता ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शिविरों में सुनवाई के लिए बुजुर्गों समेत सैकड़ों लोगों को कतार में लगना पड़ता है और उन्हें प्रतिदिन पांच-छह घंटे खुले में इंतजार करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा-तार्किक विसंगतियों का हवाला देते हुए वे (चुनाव आयोग) बंगालियों के उपनामों जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं, जो वर्षों से ज्ञात और स्वीकृत हैं।
