फांसी से मौत
चोट के कोई निशान नहीं
कल्याणी एम्स ने नंदीग्राम की नर्स के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दी जानकारी
निज संवाददाता : शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। दीपाली जाना की मौत फांसी लगाने से हुई। कल्याणी एम्स ने पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम की नर्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यही कहा है। हुगली के सिंगुर स्थित एक नर्सिंग होम में दीपाली का लटका हुआ शव मिलने के बाद पिछले गुरुवार को राज्य की राजनीति में हंगामा शुरू हो गया था। परिवार का दावा था कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। इस मामले में युवती के प्रेमी और नर्सिंग होम के मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। हालांकि, जहर या अन्य कारणों से मौत का कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। यानी पोस्टमार्टम के दौरान शरीर के आंतरिक अंगों जैसे लीवर, किडनी, पेट आदि को रासायनिक विश्लेषण के लिए एक विशेष तरीके से संरक्षित किया जाता है।
मालूम हो कि दीपाली का शव बुधवार को सिंगुर स्थित एक नर्सिंग होम में लटका मिला था। उसने दो दिन पहले ही नर्स की नौकरी ज्वाइन की थी। गुरुवार सुबह 24 वर्षीय नर्स के परिवार ने उसकी मौत की खबर मिलने के बाद हत्या की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि, पोस्टमार्टम को लेकर विवाद शुरू हो गया। मृतका के परिवार के साथ खड़ी भाजपा ने आरोप लगाया कि पुलिस कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है। परिवार ने सेंट्रल अस्पताल में पोस्टमार्टम की मांग की। आखिरकार 16 अगस्त को कल्याणी एम्स में नर्स का पोस्टमार्टम किया गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चार फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नर्स की मौत फांसी लगाने से होने की बात कही गई है। शारीरिक प्रताड़ना का कोई संकेत नहीं मिला। दूसरी ओर, सिंगुर पुलिस मृतका के प्रेमी राधागोविंद घटक के मोबाइल फोन की तलाश कर रही है।
