नेपाल पर अर्जुन सिंह की टिप्पणी के खिलाफ पार्थ भौमिक ने दर्ज किया मामला

नेपाल पर अर्जुन सिंह की टिप्पणी के खिलाफ पार्थ भौमिक ने दर्ज किया मामला

निज संवाददाता : भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने नेपाल के उग्र हालात का उदाहरण देते हुए विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा-बेरोजगार युवाओं, नेपाल से सबक सीखो। इसके साथ ही, बैरकपुर के तृणमूल सांसद पार्थ भौमिक ने मुख्यमंत्री की हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए जिले के लगभग सभी थानों में मामला दर्ज करने की घोषणा की। 

पड़ोसी देश में हिंसा के बीच मीडिया से मुखातिब होते हुए अर्जुन ने कहा-बंगाल के युवा राज्य की इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए कब जागेंगे। हम इंतज़ार कर रहे हैं। कोई भी भ्रष्ट शासन खून बहाए बिना खत्म नहीं होता। कई लोग कहते हैं कि गांधीजी ने गाना बजाकर देश को आजाद कराया। मैं व्यक्तिगत रूप से उन पर विश्वास नहीं करता। इसके बाद उन्होंने कहा-बेरोजगार युवाओं, नेपाल से सबक सीखो। वहां के 18 से 30 साल के युवाओं ने कर दिखाया है। बंगाल में इसकी जरूरत है। जिस दिन बंगाल के युवा जागेंगे, अगर हम जैसे लोगों को बुलाया जाए, तो मैं अग्रिम पंक्ति से नेतृत्व करने के लिए तैयार हूं।

 बैरकपुर के पूर्व सांसद द्वारा ऐसी टिप्पणी करने के बाद, पार्थ भौमिक ने कड़ा जवाब दिया था-जब अनपढ़ लोग बात करते हैं, तो यही कहते हैं। बांग्लादेश एक देश है, नेपाल एक देश है और पश्चिम बंगाल एक राज्य है। क्या वह बंगाल की बात कर रहे हैं और 18 से 30 साल के युवाओं से भारत सरकार के खिलाफ ऐसा करने को कह रहे हैं? क्योंकि देश में, भाजपा शासित राज्यों में, वहां जैसे भ्रष्टाचार के सारे लक्षण मौजूद हैं। इसके बावजूद, हम कभी नहीं कहेंगे कि भारत में नेपाल जैसी स्थिति हो, क्योंकि हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। पार्थ ने कहा-उन्होंने मुख्यमंत्री को मारने की बात इसलिए की है ताकि बंगाल में ऐसा हो सके।

Tags:

About The Author

Ajay Kumar Mohta Picture

करीबन तेरह वर्ष पहले हमने अपनी यात्रा शुरू की थी। पाक्षिक के रूप में गंभीर समाचार ने तब से लेकर अब तक एक लंबा रास्ता तय किया। इस दौरान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के परिवर्तन घटित हो चुके हैं जिनका हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ा। इसी तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कई उतार-चढ़ाव आए हैं। सोशल व डिजिटल मीडिया के इस दौर में प्रिट में छपने वाले अखबारों व पत्रिकाओं पर संकट गहरा रहे हैं। बावजूद इसके हमारा मानना है कि प्रिंट मीडिया की अहमियत कम नहीं हुई है। और इसी विश्वास के साथ हमने अपनी निरंतरता जारी रखी है। अब हम फिर से नए कलेवर व मिजाज के साथ आपके सामने हाजिर हुए हैं।

Advertisement

Latest News