शांतिपुर के बुनकर ने रस्सी से फांसी लगाई 

परिवार ने एसआईआर  की आलोचना की 

शांतिपुर के बुनकर ने रस्सी से फांसी लगाई 

चुनाव आयोग के खिलाफ केस की चेतावनी दी


निज संवाददाता : राज्य में एसआईआर  प्रोसेस की वजह से सुसाइड का एक और आरोप सामने आया है। इस बार यह घटना नदिया के शांतिपुर में हुई। परिवार का दावा है कि चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद बुजुर्ग बुनकर ने फांसी लगा ली। मरने वाले की पहचान सुबोध देबनाथ (56) के तौर पर हुई है। पुलिस ने शनिवार सुबह शांतिपुर के कमरपारा इलाके में एक लूम फैक्ट्री के गैरेज से उनकी लटकती हुई बॉडी बरामद की।
शांतिपुर के ढाकापारा के रहने वाले सुबोध के परिवार ने बताया कि उनका नाम 2010 में वोटर लिस्ट में रजिस्टर्ड था। लेकिन 2002 की वोटर लिस्ट से जानकारी में कुछ गड़बड़ होने की वजह से इस महीने की 4 तारीख को इलेक्शन कमीशन का नोटिस उनके घर आया। हियरिंग का नोटिस मिलने के बाद सुबोध डर गए। बुनकर यह सुनकर डर गए कि उन्हें हियरिंग में जाना है।
सुबोध की पत्नी बीमार हैं। दंपत्ति का एक बेटा है। परिवार परेशान है। उनका कहना है कि कानूनी पचड़ों में सुबोध टूट गया था। पिछले कुछ दिनों से उसने खाना-पीना लगभग छोड़ दिया था। वह कभी-कभी अपने जान-पहचान वालों से कहता था-इस बार लगता है मुझे जेल जाना पड़ेगा। उसने किसी से यह भी कहा-मैं कभी 'सुनवाई' में नहीं जाऊंगा।
शनिवार सुबह जैसे ही सुबोध के सुसाइड की खबर फैली, इलाके में हंगामा मच गया। खबर मिलते ही शांतिपुर थाने की पुलिस मौके पर गई। उन्होंने बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मरने वाले के परिवार ने बुजुर्ग की मौत पर इलेक्शन कमीशन के खिलाफ गुस्सा जताया है। एक रिश्तेदार ने कहा कि वे कमीशन के अधिकारियों के खिलाफ थाने में लिखकर शिकायत करेंगे। तृणमूल कांग्रेस मरने वाले के परिवार के साथ खड़ी है।

पुलिस जांच कर रही है कि बुनकर की मौत के पीछे सिर्फ SIR ही नहीं, बल्कि कोई और पारिवारिक या वित्तीय वजह तो नहीं है।

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