न्यूटाउन की दुकानों और शॉपिंग मॉल में बांग्ला में साइनबोर्ड लगाना होगा अनिवार्य

न्यूटाउन की दुकानों और शॉपिंग मॉल में बांग्ला में साइनबोर्ड लगाना होगा अनिवार्य

निज संवाददाता : न्यूटाउन में  दुकानों, रेस्टोरेंट, होटलों, आईटी भवनों समेत सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बांग्ला भाषा में साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। इसको लेकर न्यूटाउन-कोलकाता विकास प्राधिकरण (एनकेडीए) सख्त रुख अपना रहा है। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, अन्य भाषाओं में साइनबोर्ड लगाने पर कोई आपत्ति नहीं होगी।
न्यूटाउन में बस्तियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, आवास, विभिन्न सरकारी और निजी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, मनोरंजन स्थल भी उसी अनुपात में बढ़ रहे हैं। अब तक, शहर के ये सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान या कंपनियां व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए अपनी पसंद की भाषा में साइनबोर्ड और होर्डिंग लिखती थीं। अब, उस नियम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 
एनकेडीए के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि शहर में हिंदी और अंग्रेजी में साइनबोर्ड लिखने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, साइनबोर्ड बांग्ला में ही लिखे होने चाहिए। एनकेडीए के सूत्रों के अनुसार, यह नियम शहर के व्यवसायों पर भी लागू होगा जब वे नई मंज़ूरी लेंगे या लाइसेंस का नवीनीकरण कराएंगे। बताया जा रहा है कि कोलकाता नगर निगम में भी यही नियम लागू है। इस बार, कोलकाता का आधुनिक न्यूटाउन नगर प्रशासन, एनकेडीए, इसी राह पर चल रहा है।
शहर के बड़ी संख्या में निवासियों और व्यापारियों ने इस फैसले की सराहना की है। शहरवासियों द्वारा गठित न्यूटाउन फ़ोरम एंड न्यूज़ संगठन के संपादक समीर दास ने कहा-"बांग्ला हमारी मातृभाषा है। देश भर में इस भाषा का तरह-तरह से अपमान किया जा रहा है। ऐसे में, मैं शहर की मातृभाषा के प्रचार-प्रसार पर ज़ोर देते हुए स्थानीय बंगाली भाषा में साइनबोर्ड लिखने की पहल की सराहना करता हूं।"
गौरतलब है कि देश भर में बंगाली अस्मिता पर हो रहे हमले और भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने पर कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के विरोध में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई प्रमुख हस्तियां सड़कों पर उतर आई हैं। ऐसे माहौल में, जानकार लोग न्यूटाउन-कोलकाता विकास प्राधिकरण के इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

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