श्रीकृष्ण से सीखें धैर्य और कर्म का महत्व : मंत्री श्री राजपूत

साधारण जीवन ही सच्चा आनंद देता है

श्रीकृष्ण से सीखें धैर्य और कर्म का महत्व : मंत्री श्री राजपूत

राहतगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य शोभायात्रा और मेधावी सम्मान समारोह में शामिल हुए खाद्य मंत्री

भोपाल : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राहतगढ़ में यादव महासभा द्वारा भव्य शोभायात्रा और मेधावी विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पूरा नगर श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। शोभायात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों और 70 से अधिक ग्रामों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों का अध्ययन आवश्यक है। सत्य, अहिंसा और प्रेम ही जीवन के सच्चे मार्ग हैं। हमारा अधिकार केवल कर्म पर है, फल पर नहीं। हमें प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि शांत मन वाला व्यक्ति हर चुनौती का समाधान पा लेता है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का स्वभाव नटखट जरूर था, लेकिन उन्होंने सदैव जीवन के कठिनतम समय में भी संतुलन बनाए रखा। यही धैर्य और विवेक हमें भी अपनाना चाहिए।

25 लाख की सहायता और मेधावी छात्रों को सम्मान

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने यादव समाज के निर्माणाधीन भवन के लिए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाज का विकास तभी संभव है जब हम शिक्षा, संस्कृति और एकता को प्राथमिकता दें। इस अवसर पर उन्होंने 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले यादव समाज के 85 मेधावी विद्यार्थियों को 2-2 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि, शील्ड और प्रमाणपत्र प्रदान किए। यह पहल समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए की गई। साथ ही उन्होंने कारसदेव बाबा के चबूतरे का लोकार्पण किया और उपस्थित समाजजनों को साधारण जीवन और उच्च विचारों का संदेश दिया।

विनम्रता से व्यक्ति की पहचान

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जीवन जितना साधारण होगा, उसे जीने में उतना ही अधिक आनंद आता है। पद और पैसे से व्यक्ति बड़ा नहीं बनता, बल्कि उसके व्यवहार और विनम्रता से उसकी पहचान होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उदाहरण देते हुए कहा, हमारे मुख्यमंत्री इतने बड़े पद पर होते हुए भी विनम्र और शालीन हैं। वे लगातार गरीबों और आमजनों के हित के लिए कार्य कर रहे हैं।

भव्य शोभा यात्रा और जनसमूह की रही उपस्थिति

इस कार्यक्रम ने न केवल जन्माष्टमी के धार्मिक महत्व को रेखांकित किया, बल्कि समाज में शिक्षा, एकता और संस्कारों के प्रति जागरूकता का भी संदेश दिया। शोभायात्रा में सजे-धजे रथ, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे, और श्रीकृष्ण की झांकियों ने पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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