आनंदलोक अस्पताल की अनूठी पहल—“मैं हूँ न”

आनंदलोक अस्पताल की अनूठी पहल—“मैं हूँ न”

शारदोत्सव समीप है। आसमान में काशफूल, हवा में त्योहारों की महक,  चारों ओर खुशी और उम्मीदों का अहसास।

निज संवाददाता : शारदोत्सव समीप है। आसमान में काशफूल, हवा में त्योहारों की महक,  चारों ओर खुशी और उम्मीदों का अहसास। हर साल की तरह इस साल भी मां दुर्गा अपने मायके आ रही हैं और लोग घर-घर शारदीय उत्सव का स्वागत करने की तैयारी में व्यस्त हैं।
लेकिन इस खुशी भरे समय में भी कई लोग ऐसे हैं, जिनकी आर्थिक असमर्थता के कारण नए वस्त्र या ज़रूरी सामान जुटाना संभव नहीं हो पाता। कई बार उनके बच्चे या रिश्तेदार भी वह ज़िम्मेदारी नहीं उठा पाते। ऐसे लोगों के साथ खड़ा होने के लिए आगे आया है ‘आनंदलोक अस्पताल’। इस मौके पर अस्पताल ने एक विशेष कार्यक्रम—“मैं हूँ न” पेश किया है।
इस पहल के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन ज़रूरतमंद लोगों के हाथों में सीधे आवश्यक वस्त्र और दैनिक उपयोग की सामग्री पहुंचाएगा। इतना ही नहीं, जो लोग पैसों की कमी के कारण बिजली का बिल नहीं चुका पा रहे हैं, उनके घर भी पूजा के समय अंधकार में न डूबे, आनंदलोक अस्पताल  उसका भी प्रबंध करेगा। इस पहल का मुख्य संदेश है—न कोई झिझक, न कोई पीड़ा। त्योहार हो सबका।

Tags:

About The Author

Advertisement

Latest News